दिल्ली से नंदकिशोर साझा मंच के माध्यम से कह रहें हैं, किसानों क लिए परली सर दर्द बनती जारही है पहले तो घर घर में पशु होते थे जो की ये पराली खा कर ख़तम कर देते थे लेकिन आज के समय में जानवर पलना बहुत ही काम हो गया है जिस कारण पराली का कोई उपयोग नहीं होने के कारण किसान इसे जलाने के लिए मजबूर हैं और साथ ही प्रदूषण भी बढ़ रहा है इससे।
