दिल्ली से हस्मत अली साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से साज़िद जी से 'मेरा मुखिया कैसा हो' के मुद्दे पर बातचीत की। जहाँ साज़िद जी ने बताया कि मुखिया वही होना चाहिए जो हर किसी की जरुरत को समझे। साथ ही वे बता रहे हैं कि लॉक डाउन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की मदद नहीं मिली।सरकार द्वारा जनता के जरूरत के लिए बहुत से पैसे भी दिए गए लेकिन वो पैसे जनता तक पहुंचे ही नहीं।