दिल्ली से आज़ाद साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि लॉक डाउन की अवधि में ऑटो रिक्शा बंद हो जाने से मालिक और चालक दोनों बेरोज़गार हो गए। दिल्ली में पंचानबे प्रतिशत ऑटो ऋण लेकर ख़रीदे हुए हैं, जिनके ऋण की आपूर्ति लॉक डाउन की वजह से दो महीने से नहीं हो पा रही है, ऐसी स्थिति में बाउंसर भेजकर ऋण न चुका पाने के आरोप में बलपूर्वक ऑटो उठवा लिया जा रहा है, जिससे ऑटो मालिकों के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया है।