राजेश कुमार पाठक योग-दिवस के अवसर पर साझा मंच मोबाईल वाणी के माध्यम से कह रहे हैं कि योग का अर्थ ही होता है- जोड़ना। कम्पनी-मालिकों, पूँजीपतियों को सदबुद्धि आए और सारे कामगारों को अपने परिवार की तरह समझें।