झारखण्ड के जामताड़ा जिले से पंकज ,झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से से बता रहें है कि पूर्ण रूप से नेत्रहीन होने की स्थिति में उन्हें विकलांग पेंशन मिलना चाहिए लेकिन उन्हें अभी तक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है। उन्होंने ग्रामवाणी से सहायता की अपील की है

झारखण्ड के बाघमारा ज़िले से सोनू कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सरकार द्वारा संचालित विकलांग पेंशन कई दिनों से नहीं मिल रहा है। उन्होंने ग्रामवाणी से सवाल किया है कि यदि उन्हें इस बाबत कोई सुचना मिले तो कृपया उनको बताया जाए

-वैश्विक महामारी के दौर में मजदूर विरोधी नीतियों को तेजी से आगे बढ़ाती सरकार -अदालत ने निर्माण श्रमिकों के लिए पेंशन, राहत राशि के भुगतान को समयसीमा निर्धारित की -अमेजॉन अमेरिका में अपने पांच लाख कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाएगी, अमेरिकी राष्ट्रपति डाला था दबाव

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झारखंड मोबाइल वाणी पर रिया तिवारी बताती है कि आंदोलनकारियों व आश्रितों को पेंशन/सुविधाओं के भुगतान हेतु ₹ 62 लाख का आवंटन मिला

साथियों , ग्राम पंचायतों में विकास कार्य की जिम्मेदारी प्रधान और पंचों की होती है। इसके लिए हर पांच साल में ग्राम प्रधान का चुनाव होता है. क्योकि अगर पंचायत स्तर पर काम होगा तो देश आगे बढ़ेगा। दोस्तों, आप हमें बताएं कि क्या आपकी पंचायत में मुखिया या प्रधान द्वारा कौन कौन से कार्य किये जाते है ? या आपके गांव में प्रधान की तरफ से कौन—कौन से काम किए जा रहे हैं? क्या आप जानते हैं कि ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी क्या होती है?साथही आप अपने किन कामों के लिए ग्राम प्रधान पर निर्भर हैं ? औरक्या ग्राम प्रधान की ओर से आपको सूचित किया गया है कि वे गांव के किन कामों के लिए उत्तरदायी हैं?

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झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से 'मेरा मुखिया कैसा हो' कार्यक्रम के तहत कहते हैं, कि गाँव वाले अपनी हर एक समस्या को ग्राम सभा में ले कर आते हैं और इनका निवारण करने का दायित्व मुखिया के पास होता है जैसे- किन्ही के पास राशन कार्ड नहीं है,किन्ही को वृद्धा या विधवा पेंशन नहीं मिल रहा हो,किन्ही के पास घर नहीं है तो किन्ही को शौचालय का लाभ नहीं मिला हो।इन सभी मुद्दों पर मुखिया को काम करने की जरुरत है। ताकि जनता की आवश्यकता पूरी हो सके।

झारखंड राज्य के रामगढ़,पतरातु से आशीष कुमार मोबाइल वाणी पर चल रहे कार्यक्रम में पूछे गए प्रश्न क्या आप ईमानदारी पूर्वक पंचायत चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं इस विषय पर कहते हैं, कि हाँ मैं चुनाव में भागीदारी लेना चाहता हूँ और समाज को अपने पंचायत बेहतर ढंग से विकास की ओर लेकर चलना चाहते हैं। लेकिन कई अन्य उम्मीदवार केवल पैसे के बल पर पंचायत चुनाव जीत जाते है। लेकिन अपने कार्यों को करना भूल जाते है और भ्रटाचार की ओर कदम रखने लगते हैं। जो भी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना जनता तक निःशुल्क पहुंचना चाहिए उसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पाता है

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