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प्याज की बढ़ी हुई कीमत से मध्यमवर्गीय परिवार काफी परेशान है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

#JKR जनता की रिपोर्ट चर्चा मंच पर मुंगेर जिले की मंडी से मो. तनवीर बतलाते है कि अगर सरकार बिचौलियों पर नकेल कसे तो प्याज़, टमाटर या अन्य सब्जियों के दामों को नियंत्रित किया जा सकता है और किसानों को इसका फायदा भी मिल सकता है। ऑडियो पर क्लिक करें और सुने पूरी बात।

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प्याज के महंगाई बढ़ने से गरीबों पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ा है सब्जी में प्याज दिखने को भी नहीं मिलता है। कालाबाजारी के कारण गरीबों तक नहीं पहुंच पा रहा है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

इन दिनों किसानों के आँखों से आँसु बनकर निकल रहा है प्याज का भाव।इसकी कीमतों में वृद्धि के बाद अब कई अन्य खाद्य पदार्थों के दाम में भी वृद्धि होने लगी है। विस्तार पूर्वक जानने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

प्याज की महंगाई से मध्यम एवं गरीब वर्ग के लोग क कमर ही तोड़ चुका है विस्तारपूर्वक चलने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

प्याज की कीमतें बढ़ने से किसानों को नहीं बल्कि जमाखोरों को लाभ प्राप्त होता है।सरकार अगर महँगाई पर लगाम नहीं लगाएगी तो किसान मरने की हालत में तो पहले से ही थे इसके बाद और दयनीय स्थिति उतपन्न हो सकती है।

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एक तरफ लोग मंदी की मार झेल रहे हैं और दूसरी ओर आसमान छूती मंहगाई ने कमर तोड़ दी है. बेरोजगारी के कारण आम जनता पहले ही हलाकान थी और अब प्याज—टमाटर की बढ़ती कीमतों ने उनके खाने की थाली और भी सूनी कर दी है. आलम ये है कि लोग सब्जियां खरीदने से पहले दो बार सोच रहे हैं. लेकिन अगर सिक्के के दूसरे पहलू पर नजर डाले तो इस मंहगाई से किसानों को मुनाफा होना चाहिए.ब्जियों के दाम बढ़ा देने से किसानों को फायदा होगा? या फिर केवल सरकारी खजाने ही भरेंगे. इसके साथ ही हमें बताएं कि आपके यहां प्याज, आलू और टमाटर जैसी फसलों के भंडार के लिए उचित व्यवस्था है या नहीं? और प्याज की जमाखोरी के बारे में आप क्या सोचते हैं?