धरहरा काली मंदिर के प्रांगण में बच्चों एवं ग्रामीणों के द्वारा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती की बड़े ही धूमधाम से मनाई गई । मौके पर उपस्थित विद्या विहार के प्राचार्य राजेश कुमार ने बताया कि लालबहादुर शास्त्री, भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966 को अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा। शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की। वहीं मौके पर उपस्थित बादल सिंह ने भारत के स्वतंत्रता सेनानी और बापू के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए अपना पूरा जीवन दे दिया। महात्मा गांधी ने चंपारण आंदोलन, खेड़ा आंदोलन, खिलाफत आंदोलन, नमक आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन किए। उन्होंने कहा कि गांधी जी के बारे में हमें जरूर जानना चाहिए, क्योंकि यह हमारे राष्ट्रपिता के तौर पर जाने जाते हैं। मौके पर उपस्थित कई बच्चे जैसे अनुष्का , अंजलि , किसन, अभिषेक , सनम , आंचल समृद्धि, युविका मौजूद थे।
