धरहरा : ' स्वस्थ्य बिहार जीवंत बिहार ' की गाथा गाने वाला " हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर " आज खुद ही मरम्मती की बाट जोह रहा है । मामला धरहरा प्रखंड के माताडीह पंचायत अंतर्गत दरियापुर का है जहां जर्जर भवन में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर " वर्षों से जर्जर होने के बावजूद एक बड़ी घटना होने का इंतिजार कर रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धरहरा के अधिन संचालित एचडब्ल्यूसी के भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि किसी भी वक्त एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डां महेन्द्र कुमार किसी प्रकार से इस भवन का रंग रोहन व फर्श मे टाइल्स लगाकर दिवार मे मलहम तो लगाया था जिसमें स्वास्थ्य विभाग का लाखों रुपया भी खर्च हुआ परंतु यह मलहम चंद दिनों में ही खुद अपनी दास्तान बयान करने लगी ।आज आलम यह है कि कभी भी यह हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की दिवार गिर सकती है जिससे कोई भी अप्रीय घटना घट सकती है । इस एचडब्ल्यूसी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो साफ सफाई के लिए संस्था लगाया गया है वह भी अपने फर्ज का सही निर्वहन करने मे विफल है । शौचालय में झोल व साफ सफाई का घोर अभाव है । इस एचडब्ल्यूसी के स्वास्थ्य कर्मी सीएचओ ममता कुमारी ने बताया कि एचडब्ल्यूसी का भवन अंदर से लेकर बाहर तक चारो ओर से दीवार फट जाने के कारण दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई रहती है परंतु इस जर्जर भवन मे जान जोखिम में रखकर स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार कार्य करना ही हमारा फर्ज है ।
