एक तरफ जहां सरकार बिहार में शराब बंदी कानून को धरातल पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर लड़ैयाटाड़ थानाध्यक्ष की उदासीनता के कारण थाना क्षेत्र में सरकार के शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है l ग्रामीण बताते है कि नक्सल प्रभावित लड़ैयाटाड़ थाना क्षेत्र के महगामा,आजिमगंज तथा बंगलवा पंचायत में अवैध महुआ शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है । जहां महगामा पंचायत के वार्ड संख्या 2 गोविंदपुर मुसहरी में शाम होते ही अवैध महुआ शराब बेचने का कारोबार खुलेआम होता है तथा देशी महुआ शराब पीकर शराबी मर्यादा को ताक पर रखकर अभद्र तरीके से गाली-गलौज करते रहते हैं तो वहीं दूसरी ओर नक्सल बाहुल्य आदिवासी क्षेत्र के पहाड़ी इलाका शराब कारोबारियों का सेफ जोन बना हुआ है।शराब कारोबारी बेफिक्र होकर लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के मनकोठिया, कोयलो, गोरैया के क्षेत्र से देशी महुआ शराब लेकर दूसरे प्रखंड के साथ - साथ दूसरे जिला में जाकर शराब का अवैध कारोबार को फला-फूला रहे हैं। महगामा व गोविंदपुर गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि महगामा गोविंदपुर मुसहरी में दिन -दोपहरिया मे अवैध महुआ शराब बेचा जाता है किन्तु पुलिस आंखों पर पट्टी बांधे गस्ती करती रहती है जिससे अवैध शराब का धंधा करने वाले लोगों का हौसला बुलंद बना हुआ है। वहीं नक्सल प्रभावित आजीमगंज पंचायत के गोरैया गांव में अवैध देशी महुआ शराब के कारोबारी बेफिक्र होकर दिन में दो से तीन बार दो पहिया मोटरसाइकिल वाहन पर थैले में पांच पांच लीटर के दर्जन भर पालीथिन में शराब भरकर थाना क्षेत्र से बाहर ले जाकर अपने अवैध कारोबार को इस बेफिक्री के साथ कर रहे हैं जैसे कि मानो प्रशासन से उनकी गहरी मेल-जोल हो । ग्रामीण बताते हैं कि लड़ैयाटांड़ थाना की पुलिस मुगेंर पुलिस कप्तान के आंखों में धूल झोंकने का काम करते हुए लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के जंगली एवं पहाड़ी इलाकों में सघन छापेमारी अभियान चलाती है किंतु एक बार भी शराब कारोबारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ते हैं जबकि अवैध शराब का कारोबार थाना क्षेत्र में इस कदर से चल रहा है कि अगर पुलिस सक्रिय हो जाए तो रोजाना दो से तीन शराब बनाने वाले तथा शराब तस्कर पुलिस की गिरफ्त में होंगे।