कहते हैं कि गर्मी का मौसम गरीबों का होता है और ठंड का मौसम अमीरों का होता है, किन्तु इस भीषण गर्मी ने पुराने कहावतो को ठंढ़े वस्ते में डाल दिया । गरीब लोग तेज धूप एवं गर्मी से राहत पाने के लिए बड़े-बड़े वृक्षों के नीचे अपना आश्रय लेकर दिन गुजारते हैं किन्तु इस तीखी धूप के साथ गर्म तेज हवा लोगों का जीना बेहाल कर दिया है । वहीं दूसरी तरफ जहां लोगो के चेहरे को झुलसाने वाली तीखी तपतपाती धूप एवं गर्म तेज हवा से बचने के लिए लोग सुबह 9 बजे से शाम के 5 बजे तक अपने - अपने घरों में एसी एवं कुलरनुमा कमरे में दुबक कर राहत की सांस लेते थे किन्तु पिछले दो दिनों से बिजली की आंख-मिचोली से लोग काफी परेशान है ।आलम यह बना हुआ है कि एसी एवं कुलर की हवा में बैठने वाले तथा वृक्ष के नीचे बैठकर वृक्ष की ठंडी हवा लेने वाले दोनों ही लोगो का हाल इस आग जैसी लहर देने वाली गर्मी ने बेहाल कर दिया है। जहां गुरुवार को दिनभर में तीन से चार घंटे ही बिजली की दरश उपभोक्ताओं को मिली तो वहीं शुक्रवार को सुबह सात बजे से ही बिजली के गुल रहने के कारण लोगों को गर्मी का कहर झेलने के साथ - साथ सरकार की हर घर नल का जल पर आश्रित लोगों को पानी की विकट समस्या को झेलना पड़ा । बिजली नहीं रहने से लोग बेबश एवं लाचारो की भांति घरों में रखा पुराने जमाने का कमाची का पंखा का उपयोग कर गर्मी से राहत पाने की कोशिश दिनभर करते रहे । वहीं बिजली की दुर्दशा पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिला महासचिव आशीष कश्यप ने कहा कि चाचा - भतीजा की सरकार फिर से बिहार में लालटेन का युग लाने में लगे हैं । यह जोड़ी जबसे बिहार में काबिज हुई है तब से लोगों का जीना दुर्लभ हो चुका है अगर इसी प्रकार से बिहार का हाल रहा तो जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार के विरुद्ध जन-आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी । उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए आवाम ही सर्वोपरि है अगर आवाम को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी होती है तो पार्टी उसके लिए संघर्ष करने के लिए हमेशा तैयार रहेगी।