*दस साल से रोड पर जमा है नाले का पानी, नरकिए जिंदगी जीने को मजबूर ग्रामीण* जहां एक ओर बिहार सरकार नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना में हर गली पक्की करण एवं नाला का निर्माण कराने को लेकर लाखों करोड़ों रुपया खर्च करते हैं, जिससे कि लोगों को चलने के लिए अच्छी सड़क बने एवं नाला बन जाने से सफाई बरकरार रहे। वहीं दूसरी और धरातल पर यह विफल साबित होता हुआ दिख रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा संग्रामपुर प्रखंड के ददरी जाला गांव में देखने को मिला। जहां के सड़कों पर गंदे नाले का पानी पिछले 10 साल से जमा हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हम लोग का जिंदगी नरक हो गया है। गंदा पानी होने के कारण मच्छर एवं कीड़ों का भरमार हो गया है। हमेशा से मलेरिया एवं डेंगू होने का खतरा रहता है। अभी तक किसी प्रतिनिधि के द्वारा इस पर संज्ञान नहीं लिया गया ना ही किसी पदाधिकारी के द्वारा। हम लोग नरःकिए जिंदगी जीने को मजबूर हैं। मुखिया विधायक सभी लोग सिर्फ वादे करते हैं, और जीत जाने के बाद हम लोगों को ऐसे जिंदगी जीने के लिए छोड़ देते हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रतिनिधि पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय में प्रतिनिधि कह कर गए थे कि जीतने के बाद अगले 2 महीने में हम इसका काम करवा देंगे लेकिन आज 1 साल बीत जाने के बाद भी स्थिति वही है। वही ददरी जाला पंचायत के मुखिया पिंटू मंडल ने बताया कि पानी का निकास का जमीन नहीं होने के कारण यहां पर हमेशा पानी का जमा रहता है वही उन्होंने यह भी बताया कि अपने स्तर से हमने प्रयास किया है बात बन जाने पर यहां पर नाला का निर्माण कराया जाएगा यहां पर सभाकांत पंडित, मोहन शॉव, राजेंद्र शॉव, महिंदर शॉव, भरत शॉव, समर शॉव, सुमन कुमार, अमरदीप कुमार, घनश्याम कुमार एवं अन्य ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि हमारी गलती है कि हम ऐसे प्रतिनिधि को चुनते हैं जो कि वादे करके फिर कुछ ही दिनों में भूल जाते हैं।