बिहार में कहने को तो सुशासन की सरकार है परसों शासन क्या और कुशासन मैं बदल गया है बताते चलें कि हर एक दिन बाद एक दिन अब गोली वारी के शिकार हो रहे हैं लोग और सुशासन की सरकार हाथ पर हाथ रख कर के बैठी हुई है जानकारी के अनुसार मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड शुक्रवार की संध्या करीब 6 बजे संग्रामपुर थाना क्षेत्र के धनकुंडा पसिया के बीच नहर पर संग्रामपुर प्रखंड प्रमुख सुधीर कुमार दास को पाँच छह की संख्या में मौजूद अपराधियों ने हत्या की नियत से गोली मार दी। जो दाहिने बांह में लगा। जान बचाने के लिए प्रमुख नहर के पानी में कूद गया। इस दौरान अपराधियों ने कई एक गोली और चलाई। संयोग बस नहर में पानी रहने के कारण और प्रमुख द्वारा शोर मचाने पर आस-पास के गांव ललिया धनकुंडा कुमरसार से लोगों के जमा होते देख अपराधी वहां से भाग गए। जिसमें उनके द्वारा दो अपराधियों की पहचान की गई है। एवं शेष चार को अज्ञात बताया गया। ग्रामीणों के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई सूचना मिलते ही संग्रामपुर थाना अध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घायल प्रमुख को संग्रामपुर थाना एसआई भैरव कुमार मिश्र के द्वारा पुलिस वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर लाया गया। जहां मौजूद चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार कर विशेष उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भागलपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान प्रमुख सुधीर कुमार दास ने बताया कि संध्या करीब 4:30 बजे संग्रामपुर से अपनी बहन के यहां धौरी गए हुए थे। और वहां से नहर होते हुए संग्रामपुर आ रहा था। इस दौरान करीब 6:15 बजे पसिया धनकुंडा के बीच नहर के समीप रोका गया। जिसमें 2 लोगों को हम पहचानते हैं। उन लोगों की नियत को भांपकर वह मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश करने लगे। इस बीच अपराधी ने उन पर गोली चला दी। जो उनके दाहिने बांह में जा लगी। इसके बाद भी हम अपनी मोटरसाइकिल से कुछ दूर भागे और हाथ काम नहीं करने के कारण हम नहर में जा कर कूद गए। फिर अपराधियों के द्वारा पीछा किया गया और नहर में कूदने के बाद भी अपराधियों के द्वारा पाँच सात गोली चलाई गई। मेरे द्वारा लगातार शोर सुनकर आसपास के गांव धनकुंडा ललिया से लोग जमा होने लगे। भीड़ देख सभी अपराधी भाग खड़े हुए। लोगों को जुटने के बाद वह नहर से बाहर निकले। प्रमुख सुधीर कुमार दास ने बताया कि दो अपराधियों की पहचान मेरे द्वारा कर ली गई है जिनका पूर्व से नक्सलियों से सांठगांठ है। उपरोक्त दोनों अपराधी पूर्व से नक्सलियों के संपर्क में है पहले भी इन लोगों के द्वारा उन्हें टारगेट किया गया था उस समय डीआईजी मनु महाराज थे उनकी सक्रियता के कारण घटना टल गई थी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही नक्सली के टारगेट में रहे हैं इसी क्रम में इस घटना को अंजाम दिया गया है। बीते 1 सप्ताह में जिले मैं लगभग दो से तीन घटना घट चुकी है
