*हीरो राजन कुमार ने मां के साथ मनाया चौरचन पूजा* *मां से मिला हीरो राजन कुमार को फ़िल्मों का सुपर स्टार बनने का आशीर्वाद* बिहार में अपने गांव पहुंचे हीरो राजन कुमार ने गांव के लोगों से खुलकर हंसी मज़ाक किया लोग अपने हीरो से मिलकर बहुत खुश दिखे ख़ास कर बच्चों के साथ बच्चा बनकर राजन ने गांव के आवो हवा में खुलकर सांस लिया। मां से पर्व के बारे में खुलकर बात करने से ढेर सारी जानकारी लेने के करम हीरो राजन कुमार ने जाना कि चौरचन के त्यौहार को चौठ चंद्र त्यौहार भी कहा जाता है। विशेष रूप से यह त्योहार बिहार में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी की शाम को चंद्रमा की पूजा भी करनी है, इस दिन सुबह से लेकर शाम तक व्रत रखे जाते हैं। महिलाएं अपने पुत्रों की दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती हैं। शाम तक व्रत रखने के बाद, शाम के समय घर के आंगन को गाय के गोबर से लिप कर साफ किया जाता है। मंत्र उच्चारण के साथ साथ चंद्रमा को यह सारे पकवान समर्पित किए जाते हैं। चौरचन पूजा के दौरान ध्यान देने योग्य बातें.. सुबह जल्दी उठना चाहिए। सुबह उठने के बाद नित्यक्रम क्रियाएं पूरा करने के बाद स्नान करना होता है। स्नान करने के बाद व्रत आरंभ कर दिया जाता है, जो कि शाम तक करना होता है। इस दिन सभी से प्रेम पूर्वक बात करनी चाहिए।चौरचन की पूजा पूरी विधि से करनी चाहिए तभी फल की प्राप्ति होती है। विधिपूर्वक पूजा करने से ही भगवान गणेश के साथ-साथ चंद्र देव प्रसन्न होते हैं और लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। चौरचन के दिन दही का महत्व चौरचन की पूजा के दौरान दही का काफी महत्व है,इसीलिए इस दिन मिट्टी के बर्तन में दही जमाया जाता है। कहते हैं कि इस तरह करने से दही का स्वाद बहुत ही खास हो जाता है। इसी दही को पूजा के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा बांस के बर्तन में विशेष खीर तैयार की जाती है, जिसका भोग चंद्रदेव को लगाया जाता है। हीरो राजन कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा हमारा बिहार सच में महान है जहां इतने सारे रंग हैं। नमस्ते बिहार।
