*नयागांव-चुरम्बा कूड़ा डम्पिंग ग्राउंड में मेडिकल कॉलेज के लिए तिरंगा पदयात्रा* मुंगेर में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने की लड़ाई अब मुंगेर मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने की लड़ाई में बदल चुकी है क्योंकि मुंगेर में मेडिकल कॉलेज के विरोधी तत्व अब मुंगेर मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज विरोधी हो चुके हैं। उपर्युक्त बातें शरद पवार विचार मंच के प्रदेश संयोजक एनसीपी नेता संजय केशरी ने कूड़ा डम्पिंग ग्राउंड से डीएम कार्यालय तक तिरंगा पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए कहा। विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए डीएम कार्यालय पहुंचकर तिरंगा पदयात्रा आमसभा में तब्दील हो गया जहां कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए श्री केशरी ने कहा कि हमलोग शासन-प्रशासन को स्पष्ट रूप से आगाह कर देना चाहते हैं कि अब मेडिकल कॉलेज के नाम पर किसी तरह का अड़ंगा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्योंकि इन्दरुख बहियार में जिस जगह पर मेडिकल कॉलेज के लिए ताना-बाना बुना जा रहा है वह बाढ़ आप्लावित एवं जल-जमाव वाला दलदली भूमि है। जबकि नयागांव-चुरम्बा कूड़ा डम्पिंग ग्राउंड ना सिर्फ मुख्यालय में है बल्कि नेशनल हाईवे 333बी, स्टेट हाइवे एवं जिला की सड़कों से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ-साथ यहां भूमि अधिग्रहण की कोई समस्या नहीं है। इसके अलावे यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से कूड़ा की सड़ांध से व्यथित दसों हजार की आबादी को जहन्नुम से निकालकर क्षेत्र को चमन बनाया जा सकेगा। प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता धन्नामल ने कहा कि नयागांव-चुरम्बा कूड़ा डम्पिंग ग्राउंड मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने के लिए मुंगेर के अन्य सभी क्षेत्रों से बेहतर विकल्प है तथा यहां किसी तरह का कोई अड़ंगा लगने की भी कोई संभावना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यहां कूड़ा डम्पिंग हटाने और मेडिकल कॉलेज बनवाने के लिए लगातार जनांदोलन चलाया जाएगा और आंदोलन के सभी लोकतांत्रिक विकल्पों का प्रयोग किया जाएगा। तिरंगा पदयात्रा में "मुंगेर मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज हमारा हक है - किसी को कोई शक है", "कूड़ा डम्पिंग यार्ड हटवाना है - मेडिकल कॉलेज स्थापित कराना है" आदि नारे लगा रहे थे। कार्यक्रम की समाप्ति पर पांच सदस्यीय शिष्टमंडल मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। तिरंगा पदयात्रा में भोजपुरी फिल्म छेका के हीरो प्रताप सिंह विक्टर, राणा राहुल सिंह, संयुक्ता कुमारी, जूली शर्मा, सोनी सिन्हा, अजय प्रसाद सिंह, सत्यनारायण साह, चन्दन गुप्ता, शंकर यादव, मो० निशात आलम, मो० सहरोज अख्तर, मो० मोबिन, शुभम कुमार, मनोज साह, अजय सिन्हा, आजाद शर्मा, संजीव साह, निरंजन गुप्ता, अभिषेक आनंद एवं केशव केशरी सहित अनेकों कार्यकर्ता शामिल थे।