बिहार राज्य के जिला मुंगेर से सुबोध गोस्वामी मोबाइल वाणी के माध्यम से सेवानंद भारती से साक्षात्कार लिए है जिसमे उनका कहना है कि सरकार के नियमानुसार शराबबंदी कागजों पर बंद हुए है लेकिन धरातल पर हरेक व्यक्ति को मिल रहा है। वह कहते है कि शराबबंदी का जो मकसद सरकार का था कि से गरीब आदमी अपने परिवार को मेंटेनेंस करने में आर्थिक स्थिति का जो उसका रुकावट हो रहा है, उसकी पूर्ति करने के लिए सरकार द्वारा बंदी की गई लेकिन शराबबंदी सरकार का फेल हो चुकी है और शराब बंदी डोर टू डोर होम डिलीवरी हो रही है। जिस शराब की कीमत सौ रुपया थी लेकिन आज उस शराब की कीमत हजार रुपया से ऊपर हो गई है। वह कहते है कि सरकार जो पहले नियम निकाले थे कि आधार कार्ड के आधार पर व्यक्ति को शराब उपलब्ध कराया जाए। क्योकि वह सरकार और आम पब्लिक दोनों के लिए ही सर्वोपरि है।
