बिहार राज्य के जिला मुंगेर के धरहरा प्रखंड से राहुल रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जहां एक तरफ धरहरा प्रखंड का नक्सल प्रभावित क्षेत्र अवैध रूप से शराब बनाने के लिए व शराब का कारोबार करने के लिए सेफ जोन के नाम से जाना जाता है तो वहीं दूसरी ओर धरहरा प्रखंड का टाल क्षेत्र भी इससे पीछे नहीं है। धरहरा व छर्रापट्टी के चौर में शराब कारोबारी माल-जाल रखने हेतु बथान के नाम पर अपने अवैध शराब के धंधे को बड़ी ही सहजता से सक्रिय किए हुए हैं।कभी धरहरा थाना तो कभी हेमजापुर ओपी तथा कभी-कभी उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के द्वारा छापामारी अभियान चलाया जाता है किंतु गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर बीच बहियार में अवस्थित बथान होने के कारण शराब कारोबारी सतर्क हो जाते हैं एवं शराब को कोई दूसरे ठिकाने पर छुपा देते हैं जिससे पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लग पाता है। बार-बार पुलिस को चमका देने में सफल होने से शराब कारोबारियों का मनोबल चरम पर है जिसका उदाहरण है कि शाम के 4 बजते ही शराब कारोबारी के ठिकानों पर शराब का सेवन करने वाले लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। वहीं छर्रापट्टी के ग्रामीणों ने बताया कि छर्रापट्टी गांव के ही कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा अवैध शराब लाकर छर्रापट्टी चौर के बहियारो में शराब का अवैध धंधा पिछले कुछ वर्षों से लगातार चलाया जा रहा है।
