धरहरा (संवाददाता):- एक तरफ जहां सरकार शिक्षा के प्रति अपना खजाना खोल रखी है और तरह-तरह की व्यवस्था कर बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रही है तो वहीं दूसरी ओर पदाधिकारी की उदासीनता के कारण जर्जर भवन में जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं नौनिहाल। मामला धरहरा प्रखंड के नक्सल प्रभावित अमारी पंचायत अंतर्गत मरपाकला गांव में अवस्थित प्राथमिक विद्यालय का है जहां विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता तो अच्छी है पर व्यवस्था थोड़ी कमजोर है विधालय भवन के नाम पर दो ही कमरे है वो भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में,जो कभी भी बड़ी घटना को दावत दे सकता है। वहीं विद्यालय भवन बनाए जाने के संदर्भ में विद्यालय के प्रधानाचार्या ने बताया कि पूर्व में दो बार भवन निर्माण का कार्य शुरू हुआ था किंतु किसी कारणवश भवन अधेड़ में ही पड़ा हुआ है तथा विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए बेंच और डेस्क की मांग की गई है किंतु पदाधिकारी की तरफ से अभी तक कोई अमल नहीं किया गया है। वहीं पंचायत समिति सदस्य सुमन बिंद ने कहा कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को शिक्षित कर जागरूक करने की बात कहती है किंतु यह बातें धरहरा प्रखंड के अमारी पंचायत में सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गया है।
