धरहरा(संवाददाता):- लोग कहते है कि सिर्फ शराब पीकर ही लोग झूमते है लेकिन धरहरा प्रखंड के लोग बिना शराब के ही झूम रहे है।धरहरा प्रखंड के ईटवा गांव में होली का नाम सुनकर ही लोगों में नशा छा रहा है, और लोग होली के गीतों में सराबोर होकर झूम रहे हैं। ईटवा गांव के ब्राह्मण समाज के युवा अभी भी पूर्वजों के रीत को चलाते आ रहे हैं ।ब्रह्मण समाज के युवा लोग अपने दिनचर्या के कामों से फूर्सत पाकर शाम में एकत्रित होकर फगुआ के गीतों का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। "कन्हैया फेके गुलाल, मोहन खेले होली हो" "दशरथ के सुत चार भयो जी, दशरथ के सुत चार" "सदा आनंद रहे यह द्वार मोहन खेले होली हो" आदि फगुआ गीतों से गांव के माहौल को दस दिन पहले से ही होली के रस में डूबो रहे है। किसी के हाथ में ढ़ोल है तो किसी के हाथ में झाल व मंजीर। कोई गाने का सुर मिला रहा है तो कोई अपनी तालियों से ही सुर बना रहा है । वहीं कांग्रेस के कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष अनमोल मिश्रा भी अपनी युवा मंडली पंकज मिश्रा, पिंटू पाठक, सुनिल पाठक, छोटू मिश्रा, बलराम मिश्रा, कैलाश मिश्रा, केशव मिश्रा, गवन, दीपक, सहित दर्जनों युवा को लेकर मंदिर प्रांगण में बैठ फगुआ के गीतों से ग्रामीणों का मनोरंजन कर रहे हैं साथ ही लोगों को शराब के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं कि जो नशा होली का फगुआ गीत गाने और सुनने में है वो नशा कहां शराब में। शराब पीकर लोग अपनों से ही लड़ जाते हैं किंतु फगुआ सुनकर लोग अपनों के गले लग जाते हैं।
