ऐक्टर बनना आसान नहीं हीरो राजन कुमार फ़िल्मों में ऐक्टिंग करने का जुनून है किसी भी हद तक जाने की चाहत रखते है अगर ऐसा है तो कुछ चीज़ें समझ लीजिए। ऐक्टिंग बहुत आसान है, अगर आपका मन ऐक्टिंग को जानने, समझने, ऐक्टिंग करने में लगता है। ऐक्टिंग आसान है, अगर आपमें सीखने और उस पर अमल करने का जज़्बा है। ऐक्टिंग आसान है अगर आपमें रिस्क उठाने की हिम्मत है। ऐक्टिंग आसान है अगर आप सुविधाभोगी नहीं हैं। ऐक्टिंग आसान है अगर आप बदलावों को सहजता से लेते हैं। ऐक्टिंग आसान है अगर आप इसके बिना जीने की कल्पना भी नहीं कर सकते। आपको ऐक्टिंग का शौक़ हो सकता है। मोबाइल पर वीडियो डालकर आप लोगों के बीच पॉपुलर भी हो सकते हैं। लेकिन इन वीडियो के आधार पर ही ख़ुद को ऐक्टर समझ लेना आपकी तरक़्क़ी में ही बाधक बनेगा। प्रोफ़ेशनल ऐक्टिंग बहुत मेहनत, समर्पण, एकाग्रता और अनुशासन मांगती है। जी, ऐक्टिंग बहुत मेहनत, समर्पण, एकाग्रता और अनुशासन मांगती है। मोटे तौर पर आप इतना समझ लीजिए कि ऐक्टर के रूप में करियर (career) बनाना चुनौतीभरा (risky) है। इसलिए कई तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए आप मानसिक रूप से तैयार रहिए। यहाँ कोई निश्चितता (surety) नहीं है, कि आप ऐक्टर के रूप में कब स्थापित होंगे या कब अपना पहला काम हासिल करेंगे। ऐक्टिंग कोई जॉब नहीं है, कि एक बार नौकरी मिल गई तो फिर ज़िंदगीभर का सहारा मिल गया। जबकि ऎक्टिंग में काम पाने के लिए हर बार आपको नए सिरे से शुरूआत करनी पड़ती है। जब तक आपका नाम नहीं होता, तब तक आपको काम मांगने के लिए मशक़्क़त करनी ही पड़ेगी। बल्कि नाम (famous) होने के बाद भी घर बैठे काम आने की गारंटी नहीं होती। सम्बंधित लोगों से मिलकर उन्हें याद दिलाना ही पड़ता है कि- मुझे भी काम की ज़रूरत है। यहाँ सम्बंधित लोगों से मतलब कास्टिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर, प्रोडक्शन हाउस और फ़िल्ममेकर हैं। ऐक्टिंग आपके धैर्य की परीक्षा लेती है। हो सकता है कभी कुछेक ऑडिशन देने पर ही काम मिल जाये। तो कभी साल-छह महीने बाद आपको कोई फ़िल्म या सीरियल मिले। कई लोग जो ख़ुद को पर्दे पर देखने के लिए इतने उतावले होते हैं, सोचते हैं कि किसी को पैसा देकर कोई भी रोल हथिया लिया जाए। ऐसे अधीर लोग काम पाने के लिए किसी को लाखों रुपए दे भी देते हैं, और फिर पछताते रहते हैं। वो आदमी पैसे लेकर ग़ायब हो जाता है। ऐसी धोखाधड़ी आम है। क्योंकि एक्टिंग में रिश्वत नहीं चलती, टैलेन्ट चलता है। फिर भी लोगों को लगता है कि पैसा हर जगह का शॉर्टकट है। ऐक्टिंग में भूल जाइए। हाँ... ख़ुद के पैसों से आप फ़िल्म बनाना चाहें तो कोई रोकने वाला नहीं है। लेकिन आपमें टैलेन्ट नहीं है तो कोई दूसरा तो आपको अपनी करोड़ों के बजट की फ़िल्म में काम देने से रहा। इसलिए आपको सबसे पहले तो ऐक्टर बनने की जो आधारभूत (basic) बातें हैं उन पर ख़रा उतरकर दिखाना होगा। सबसे पहले तो याद रखिए कि आपका शब्दोच्चारण स्पष्ट और निर्दोष हो। सबको यही लगता है कि वह जो बोल रहे हैं वह बिल्कुल सही है, क्योंकि ज़्यादातर नए ऐक्टर्स को अपनी ग़लतियों का अहसास नहीं होता। वो ख़ुद को होशियार मानकर सालों तक काम ढूंढते रहते हैं।
