सदर अस्पताल में डीपीसी की अध्यक्षता में गुणवत्ता यकीन को लेकर बैठक - बैठक में केयर इंडिया के नोडल ऑफिसर व लेबर रूम से जुड़े डॉक्टर और अन्य नर्सिंग स्टाफ शामिल - लेबर रूम में मौजूद सुविधाओं और केस स्टडी की ऑडिट मुंगेर, 9 फरवरी। बुधवार को सदर अस्पताल स्थित लेबर रूम में मौजूद सुविधाओं को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक विकास कुमार की अध्यक्षता में गुणवत्ता यकीन (क़्वालिटी एश्योरेंस) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर केयर इंडिया के नोडल ऑफिसर डॉ असीम, आरबीएसके की नोडल ऑफिसर डॉ. बिंदू, आयुष्मान भारत योजना की डीपीसी ज्योति कुमारी, केयर इंडिया की डीटीओ ऑफ डॉ. नीलू, प्रशिक्षक दीपिका बा , लेबर रूम इंचार्ज सिस्टर नीतू , एनआरसी मुंगेर की फीडिंग डिमांस्ट्रेटर रचना भारती सहित लेबर रूम से जुड़ी डॉक्टर और जीएनएम नर्स उपस्थित थीं। जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) विकास कुमार ने बताया कि लेबर रूम में पर्याप्त मात्रा में सतरंगी चादर नहीं रहने और समय पर उसकी धुलाई नहीं होने पर उसके संयोजक अरुण कुमार से बात की गई । उन्होंने बताया कि जगह की कमी है, बावजूद इसके अब ससमय सतरंगी चादर की आपूर्ति हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बैच की शिफ्ट इंचार्ज अपने समय से केस शीट, क्लीयरिंग डॉक्यूमेंटेशन की देखरेख करेगी। ये लोग लेबर रूम एवं ऑपरेशन थियेटर में सफाई होने के बाद सफाई को देखते हुए क्लीयरिंग चेकलिस्ट में डॉक्यूमेंट लेगी। इसके साथ ही 10 फरवरी को केयर इंडिया की प्रशिक्षक दीपिका बा आउटरीच स्टाफ को थ्री बैकेट सिस्टम एवम लेबर रूम और ओटी की रेगुलर फोर्थ ग्रेड स्टाफ को प्रशिक्षण देगी। उन्होंने बताया कि केस शीट ऑडिट के दौरान यह निर्णय लिया गया है कि जिस शिफ्ट में क्लाइंट डिस्चार्ज हो रही है उस शिफ्ट की डॉक्टर डिस्चार्ज नोट लिखेगी और वाइटल साइन के बारे में जानकारी देगी। इसके साथ ही शिफ्ट इंचार्ज अपने शिफ्ट में अपने कार्य को देखेगी और इसकी लिखित सूचना दोनों मेन इंचार्ज को देगी और नोडल ऑफिसर के साथ मीटिंग भी करेगी। उन्होंने बताया कि ओटी में पोस्ट ऑपरेशन केस में 24 घन्टा तक आधा-आधा घन्टा में वाइटल मॉनिटरिंग करेगी।
