हीरो राजन कुमार ने दिल्ली में अपने अनोखे मंच संचालन से प्राचीन कला संस्कृति को जिंदा कर दिया धन्य है वह मां बाप, जिन्होंने राजन कुमार जैसे पुत्र को पैदा किया। राजन कुमार के अंदर भारत की कला और संस्कृति बसती है और उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की कला संस्कृति को समर्पित किया हुआ है। और यही जज़्बा कल दिल्ली में हुए कार्यकम में नजर आया जब हीरो राजन कुमार ने अपने अनोखे मंच संचालन से प्राचीन कला संस्कृति को जीवंत कर दिया। कल दिल्ली में विभिन्न राज्यों के फ्लेवर व कल्चर की झांकी को कलाकारों द्वारा पेश किया गया जहां एंकर के रूप में हीरो राजन कुमार ने अपना जादू दिखाया। राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारियां जोरों पर जारी हैं, ऐसे में हिरो राजन कुमार भी देश की राजधानी में एक फौजी की तरह इस उत्सव को यादगार बनाने के लिए कमर कस हुए हैं। यहां अलग अलग राज्यों से कलाकार आए हैं। उनके बीच मे एक कल्चरल एक्सचेंज हुआ। उस प्रोग्राम में एंकरिंग की जिम्मेदारी राजन कुमार को दी गई थी। अलग अलग राज्य चाहे वह कर्नाटक, मेघालय, हरियाणा, छतीसगढ़, अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश, गोवा, जम्मू कश्मीर, पंजाब, महाराष्ट्र हो, सभी के फ्लेवर को अर्थात भारत को एक छत के नीचे पेश करने की जिम्मेदारी राजन कुमार ने अपनी अनूठी कला से बखूबी निभाई। यह अनोखा इवेंट कल 21 जनवरी 2022 को हुआ जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के कई आला अधिकारी थे। बिहार के आर्टिस्ट राजन कुमार अपने राज्य को रिप्रजेंट करने में कभी पीछे नही हटे। राजन कुमार का अंदाज सिर्फ एक एंकर का नही है, बल्कि वह एक डांसर भी हैं, नेशमल अवार्ड विजेता भी हैं। साथ ही साथ वह एक सफल अभिनेता भी हैं। राजन कुमार एक मल्टी टैलेंटेड और मल्टी टास्कर व्यक्तित्व के धनी हैं। वह बिहार के मुंगेर जिला से हैं मगर उनकी हस्ती ऐसी है कि कईयों पर भारी पड़ जाती है। यही वजह है कि अरूणाचल प्रदेश के सुदूर गांव से आया हुआ कलाकार राजन कुमार के प्रेजेंटेशन से उनके यूनिक स्टाइल से खुश और प्रभावित होता है। वह भारत के रंग में रंग जाता है। मेघालय से आया हुआ कलाकार अपने आप को भूलकर राजन कुमार की कला से प्रभावित हो जाता है। यह कार्यक्रम काफी भव्यता से आयोजित किया गया। राजन कुमार की विलक्षण प्रतिभा को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने इस बार निर्णय लिया था कि उन्हें एंकरिंग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए। लोग काफी खुश हुए जिस तरह राजन कुमार ने देसी अंदाज में हिंदुस्तान को पिरोया। उनका प्रेजेंटेशन वाकई कमाल कर गया। स्टेज ऑयर उन की प्रस्तुति राजन कुमार के कैरियर के लिए भी बड़ी इम्पोर्टेन्ट रही। स्टेज और माइक के साथ राजन कुमार का अंदाज ए बयां काफी जुदा रहा। माइक से उनका रिश्ता बड़ा गहरा रहा है और राजन कुमार की प्रतिभा की झांकियां देख कर लोग दांतों तले अंगुली दबाने के लिए मजबूर हो गए।
