धरहरा (संवाददाता):-धरहरा प्रखंड के अजीमगंज पंचायत के मुखिया परमानंद टुड्डू की हत्या के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता। एसटीएफ ने चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सली कानन नैया, कौशल कोड़ा, छठू कोड़ा और अनिल कोड़ा को साथ लेकर एसटीएफ और जिले की पुलिस छापेमारी कर रही है वहीं एसटीएफ को कई सुराग भी मिले हैं। पुलिस यह आशा व्यक्त कर रही है कि सुबह तक मामले में कुछ और आरोपित गिरफ्तार किए जा सकते हैं। गिरफ्तार चारों आरोपित हार्डकोर और फरार नक्सली हैं। सभी पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। हार्डकोर नक्सली कानन नैया का आपराधिक इतिहास रहा है। 23 अगस्त की रात मथुरा गांव में नवनिर्वाचित मुखिया परमानंद टुड्डू की नक्सलियों ने गर्दन काटकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। इस मामले में हार्डकोर नक्सली प्रवेश दा व अर्जुन कोड़ा सुरेश कोड़ा सहित 20 नक्सलियों को लड़ैयाटांड़ थाना अध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर के बयान पर आरोपित बनाया गया था। पुलिस ने नक्सलियों को पकडऩे के लिए एसटीएफ की मदद ली। इसके बाद से ही एसटीएफ की टीम नक्सलियों की तलाश में लग गई। वहीं पहले प्रमंडल के लखीसराय, जमुई और मुंगेर जिलों से नक्सलियों के बारे में इनपुट जुटाया गया। इसके बाद लड़ैयाटांड़ और धरहरा थाना क्षेत्रों में छापेमारी की गई। इसी दौरान इन चारों को पकड़ा गया।मुंगेर, लखीसराय और जमुई जिले की पुलिस एसटीएफ के साथ मिलकर काम्बिंग आपरेशन चला रही है। छापेमारी में चारों गिरफ्तार आरोपितों को भी साथ रखा गया था। पुलिस का साफ कहना है कि अब नक्सलियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।पहाड़ी और जंगली इलाकों में छिपकर रह रहे नक्सलियों को दबोचने का काम शुरू हो गया है। पूछताछ में नक्सलियों ने बताया कि संगठन की ओर से परमानंद टुड्डू को चुनाव नहीं लडऩे के लिए बोला गया था। संगठन का आदेश नहीं मानने पर मुखिया की हत्या कर दी गई। गिरफ्तार सभी नक्सली धरहरा प्रखंड का रहने वाला है। पूछताछ के बाद सभी नक्सलियों को जेल भेज दिया गया।
