*जहरीली शराब से मौतों के जिम्मेदार नीतीश पर चले हत्या का मुकदमा - केशरी* (एनसीपी ने जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय का किया घेराव) सुशासन सम्पोषित शराबबंदी में सुशासन के सूरमा बेखौफ होकर जहरीली शराब बेचने में लगे हैं जिसे पीकर सैंकड़ों लोग बेमौत मर रहे हैं इसलिए इन मौतों को सुशासन प्रायोजित हत्या करार देते हुए नीतीश कुमार पर हत्या का मुकदमा चलाया जाय। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने नीतीश सरकार के 16 साल पूरे होने के अवसर पर 2 नंबर गुमटी स्थित अपने आवासीय कार्यालय से एक जुलूस निकालकर डीएम कार्यालय का घेराव-प्रदर्शन करते हुए कहा। जुलूस में एनसीपी कार्यकर्ता "सोलह साल-बुरा हाल", "जहरीली शराब से मौत को लेकर नीतीश पर चले हत्या का मुकदमा", "नीतीश का सुशासन-लुटेरों का शासन" आदि नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के पश्चात महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तथाकथित सुशासन 16 सालों में पूरी तरह से लुटेरों के साम्राज्य के रूप में बदल गया है जिसमें सुशासन के सूरमाओं को लूट की खुली छूट दे दी गई है और वही शराब कारोबारी तथा भ्रष्टाचारी पकड़ा रहे हैं जो आरसीपी टैक्स इमानदारी से नहीं दे पाते हैं। श्री केशरी ने कहा कि समीक्षा की नौटंकी बंद करते हुए शराब के कारण हो रही मौतों की जिम्मेदारी के दायरे में जब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नहीं लाया जाएगा तब तक शराबबंदी कानून सफल नहीं होगा। महिला नेत्री संयुक्ता कुमारी, किरण देवी एवं बेबी देवी ने कहा कि शराब सर्च अभियान में लगी नीतीश की पुलिस महिलाओं को बेइज्जत कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस सह डीएम कार्यालय के घेराव-प्रदर्शन कार्यक्रम में वरीय नेता अजय प्रसाद सिंह, शंकर यादव, प्रदेश महासचिव राजीव शर्मा, बबलु गुप्ता, संजीव कुमार, आजाद शर्मा, अजय सिन्हा, चन्दन गुप्ता, इन्द्रदेव साव, ललन बिंद, सोनी सिन्हा, शोभा देवी, बीणा देवी एवं रामबिनय कुमार सहित अनेकों कार्यकर्ता शामिल थे।
