मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता आमीन उल इस्लाम ने जहां एक तरफ लोगों को दशहरे की खरीदारी में लगे हैं वही जरूरतमंद को चिन्हित कर दशहरे के मौके पर कपड़े से वंचित वैसे लोगों को कपड़े एवं सैंडल देकर इंसानियत की बेमिसाल कायम कर रहे हैं हमारे आमिर भाई उनके साथ आमिर की धर्मपत्नी रुखसार के आर्थिक सहयोग से 55 से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को कपड़े भेंट किए गए यह काफी सराहनीय बात है कि अमीर विकलांग होते हुए भी कार्य कर रहा है जो और लोग नहीं कर पा रहे उन्होंने मदरसे के हाफिज एवं बेलन बाजार की मस्जिद के इमाम मोहम्मद शरीफ रहमानी साहब के हाथों कपड़े बटवा कर एकता का उदाहरण पेश किए हैं
