बिहार राज्य के जिला मुंगेर से मोहली पंचायत से फुलेन महतो मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि वे अपने बच्चे का नामांकन कराना चाहते थे सरकारी माध्यमिक विद्यालय मोहली में इसके लिए उन्होंने शिक्षिका से बात भी कर ली थी पर जब उनके बच्चे स्कुल गए तो देखा की शिक्षक लोग आपसे में गप्पे लड़ा रहे है और बच्चों को नहीं पढ़ा रहे है।अभिभावक खुद से विद्यालय जब पहुँचे तब वह देखे कि पढाई नहीं हो रही है तब उन्होंने अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय से निकालकर किसी प्राइवेट विद्यालय में नाम लिखा दिया और अब वे निजी स्कुल में पढाई कर रहे है। बच्चों को स्कुल से निकालने का मुख्य कारण था की सरकारी स्कुल में पढाई नहीं होती है। इन्होने तो ऐसा किया पर कई ऐसे अभिभावक जो अपने बच्चों को सिर्फ सरकारी विद्यालय ही भेज सकते है पढ़ने के लिए इसलिए उनका भविष्य शिक्षकों के हाथ में है
