हिंदी दिवस पर बाफ्टा के संस्थापक हीरो राजन कुमार की अध्यक्षता में गंगा स्नान के उपरांत कवि सम्मेलन राजन कुमार के नाम हुआ एक और रिकॉर्ड दर्ज देश भर में आज 14 सितंबर को हिन्दी दिवस काफी जोश के साथ मनाया जा रहा है। इस बार हिंदी दिवस पर बाफ्टा (बिहार फ़िल्म एंड टेलीविजन आर्टिस्ट एसोसिएशन ट्रस्ट (रजि.) मुंगेर बिहार द्वारा एक अनोखे प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस ट्रस्ट के फाउंडर हीरो राजन कुमार की अध्यक्षता में एक यूनिक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जहां आज सुबह गंगा स्नान के बाद नदी के पानी में ही एक कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ जहां कई कवियों ने अपनी कविताओं का पाठ किया। यहां ढेर सारे श्रोतागण भी मौजूद रहे। यहां गंगा नदी को स्वच्छ रखने के प्रण के साथ इस तरह के अनोखे कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जहां नदी को साफ रखने की अपील भी की गई। आपको बता दें कि इस मौके पर हीरो राजन कुमार ने पानी पर लिखी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित अपनी कविता का पाठ भी किया। यहां उपस्थित कवि लोकगायक परमानंद परोपकारी, अभय पाल, मिथलेश कुमार,विकास कुमार, रंजन शर्मा, प्रमोद कुमार निराला, मधुसूदन आत्मीय, राजवीर सिंह, राजेश कुमार मंडल, सभी कवियों ने पंडित केशव के साथ गंगा नदी में यह संकल्प लिया कि वे तमाम उम्र हिंदी में ही कविताएं लिखेंगे और अपनी भाषा मे किसी विदेशी भाषा का असर नही आने देंगे। मुंगेर में शहर मसीहा नहीं और नमस्ते बिहार जैसी फिल्में बना चुके हीरो राजन कुमार ने बताया कि हिन्दी दिवस पर इस तरह के अनोखे कॉन्सेप्ट वाले इवेंट के लिए माहौल तैयार करना अपने आप में एक चुनौती थी, लेकिन इसके सफल आयोजन के बाद मैं इसके लिए गर्व महसूस कर रहा हूं। हिन्दी भाषा के सम्मान को और बढ़ाने के लिए हम सब यहां एकत्रित हुए। वर्तमान परिवेश में हिंदी भाषा की स्थिति काफी बेहतर हुई है। हिंदी भाषा आज अच्छे रोजगार का साधन भी बन सकती है। बहुत से ऐसे उदाहरण दिए जा सकते हैं जिन लोगों ने हिंदी के जरिए अपना करियर बनाया और अच्छे मुकाम पर पहुंचे हैं। हिन्दी को पर्व के रूप में नहीं बल्कि कार्य के रूप में मनाना शुरू करें। आज से ही सही हिन्दी में मोबाइल पर लिखना सीखें। हिंदी हैं हम वतन है हिन्दुस्तां हमारा। सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा...। सभी को हिंदी दिवस की ढेर सारी बधाई.....।" आपको बता दें कि बाफ्टा के द्वारा कई तरह के काम किए गए और अब भी किए जा रहे हैं। जब से यह ट्रस्ट रजिस्टर्ड हुआ है, इस ट्रस्ट ने सरकारी, गैर सरकारी, राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पे काम किया और कलाकारों की ट्रेनिंग पर फोकस किया। हाल ही में मेकअप के ऊपर एक उपयोगी 2 दिवसिय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमे कई लोगों ने फ़िल्म व टीवी के क्षेत्र में मेकअप करने की बारीकियां सीखीं। कवि हीरो राजन कुमार ने कहा कि हिन्दी को पर्व के रूप में नहीं बल्कि कार्य के रूप में मनाना शुरू करें। आज से ही सही हिन्दी में मोबाइल पर लिखना सीखें। धन्यावाद और बधाई..... जय हिन्द
