बिहार राज्य के जिला मुंगेर से अबोध ठाकुर मोबाइल वाणी के माध्यम से निजी शिक्षक ऋषि से बातचीत की जिसमे उनका कहना है कि इस कोरोनाकाल में शिक्षकों की स्थिति मृत्यु के समान स्थिति हो गयी थी। डेढ़ वर्ष से शिक्षण संस्थान कोचिंग संस्थान बंद पड़े हुए थे जिससे आर्थिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ा है। अभी धीरे धीरे सब कुछ खुल रहा है पर स्थिति अभी सामान्य होने समय लगेगा। सरकार को एक सूचि बनानी चाहिए जिसमे शिक्षकों का नाम रहता उनके लिए मदद की व्यवस्था उस सूचि के अनुसार की जानी चाहिए थी जिससे शिक्षक वर्ग मजबूती के साथ और निडर होकर अपनी सेवा आगे दे पाते।
