धरहरा (संवाददाता):- आईसीडीएस विभाग जहां कुपोषण मुक्त समाज बनाने के लिए गांव एवं शहरों में आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से लोगों को तरह-तरह की योजनाओं से लाभान्वित कर रही है वहीं धरहरा प्रखंड में उस योजनाओं पर ग्रहण लग गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बंगलवा पंचायत के महादलित बस्ती सराधी के केंद्र संख्या 67 पर विभाग द्वारा गर्भवती,धात्री, कुपोषित, अतिकुपोषित,दूध पिलाने वाली माताओं के खाद्यान्न के लिए राशि निर्गत की गई थी, परन्तु संबंधित विभाग के पदाधिकारियों एवं संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका के लूट-खसोट रवैए के कारण राशि से मिलने वाले खाद्यान्न लाभार्थी को मिलने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। गर्भवती महिला विभा देवी, तीन से छ: वर्ष के बच्चों की मां फगुनी देवी, चंपा देवी,लक्ष्मी देवी सहित आधा दर्जन महिलाओं ने बताया कि मार्च माह से मई माह के समाप्ति के बाद भी हमलोगो को आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 67 से कोई लाभ नहीं दिया गया है। लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि संबंधित आंगनबाड़ी सेविका बबीता कुमारी से खाद्यान्न मिलने की जानकारी पूछी तो संबंधित आंगनबाड़ी सेविका ने बताया कि विभाग से हमें कोई भी राशि नहीं मिली है। संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका सुलेखा देवी ने बताया कि दो माह से आंगनबाड़ी सेविका द्वारा संबंधित पोषक क्षेत्र के लाभार्थियों को कोई भी लाभ नहीं दिया गया है। संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र की प्रबंध समिति की अध्यक्ष गौरी देवी ने भी खाद्यान्न नहीं देने की पुष्टि की है। इस संबंध में धरहरा की प्रभारी सीडीपीओ पूनम कुमारी ने बताया कि संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र को आवंटन दी गई है जांचोपरांत लाभार्थियों को खाद्यान्न नहीं मिलने पर संबंधित सेविका के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए राशि की रिकवरी की जाएगी।