प्रेस विज्ञप्ति। जनप्रतिनिधि के क्षेत्र भ्रमण पर रोक घोर निंदनीय। राजद के राज्य परिषद सदस्य शिशिर कुमार लालू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा की मुख्यमंत्री के आदेश जिसमें कहा गया की इस कोरोना महामारी में मंत्री,विधायक,सहित जनप्रतिनिधि को क्षेत्र भ्रमण पर रोक रहेगी जिसकी जितनी निंदा किया जाए कम है। माननीय मुख्यमंत्री को पता होना चाहिए की जनप्रतिनिधि को जनता अपनी आवाज को सरकार के सामने रखने के लिए चुनती है।अगर हमारे जनप्रतिनिधि इस महामारी काल में जनता के दुख दर्द को जानकर सरकार के संज्ञान में लाकर लोगों को राहत पहुॅचाने में अपनी सहभागीता निभाते है लेकिन इस निर्णय से सभी लोग हतप्रद है आखिर किस नाकामी को छुपाने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐसा अलोकतांत्रीक निर्णय लिया है।ऐसा लगता है की इस कोरोना महामारी में जिस तरह से विपक्ष के लोगों द्वारा चौपट स्वास्थ व्यवस्था,अस्पताल में बेड ,आक्सिजन,एंबुलेंस,भेन्टिलेटर,दवाई,जाॅच,साफ सफाई सहित अन्य मुलभुत सुविधाओं अभाव के कारण विहार में लोगों के मौत की खबर को विभिन्न माध्यम से उठाने से घबरा कर ऐसा कदम उठाया गया।वही यह भी कहा जा रहा है की इस महामारी में जहाॅ भाजपा के लोग की सक्रियता से घबरा कर ऐसा निर्णय लिया गया है क्योकि जिस तरह मा मुख्यमंत्री घर से नही निकलते है वैसे ही इनके सासंद,मंत्री विधायक भी नही निकल रहे है कही इन लोगों को भी कोराना का संक्रमण न हो जाए इसी कारण अपने सहयोगी को भी रोकने का प्रयास है।इस निर्णय ने यह साबित कर दिया की बिहार में पदाधिकारीयों की तुलना में जनप्रतिनिधि निकम्मा और अल्पज्ञानी है।वही इन्होनें सरकार से माॅग किया की जब सरकार के नजर में जनप्रतिनिधि अल्पज्ञानी और असंवेनशील है तो इनसे इस्तीफा लेकर सारा काम अधिकारीयों से ही लेना चाहिए।आगे राजद नेता ने कहा की इससे ऐसा लगता मुख्यमंत्री के इशारे पर आपदा में अवसर के तलाश में व्यापक रूप भ्रष्टाचार हो रहा है ताकि RCP Tax का संग्रह ज्यादा ज्यादा किया जा सके तभी तो लोग कहते है "विनाश काले विपरीत बुद्धी" समय आने पर जनता इसका जबाब देगी।इस लिए कहा जाता है की पीडित का हाइ अच्छे अच्छे को भस्म कर देती है।
