सिस्टम नहीं राज्य सरकार फेल हो गई है। विपक्ष 24 घंटा सहयोग को लेकर तैयार है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव स्वंय यह बात कह चुके हैं। वाबजूद सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा है।उन्होंने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक संवेधानिक पद है और एक तरह से सरकार का अंग होता है विपक्ष इसके बाबजूद नेता प्रतिपक्ष तेजश्वी यादव जी के द्वारा जो सरकार को दर्जनों चिट्ठी लिखी गई उसका एक भी जबाब सरकार के द्वारा नहीं दिया जाना ये लोकतंत्र की मर्यादा के विरुद्ध है। इस वैश्विक महामारी में हम और हमारे सारे विधायक, विधानपार्षद तैयार हैं सरकार की मदद करने के लिए।वहीं राजद के राष्ट्रीय महासचिव सह पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने कही की मैं स्वंय राजद के साथियों के साथ मुंगेर बांका भागलपुर और जमुई के अधिकारियों से संपर्क में हूं। उन्होंने कहा कि वे लगातार संपर्क और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर हमारे दल के साथी पीड़ितों को डॉक्टरों का सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। लॉकडाउन के वंदिश पर भी स्थानीय राजद परिवार सक्रिय हैं। मजदूरों का हाल बेहाल है। दिहाड़ी मजदूर मर रहे हैं। वेड, इलाज, दवा, आक्सीजन का कहीं कोई इंतजाम नहीं है। वेंटिलेटर तक खराब पड़े हें। यहाँ तक कि सरकार के द्वारा चलाये जा रहे कोरेन्टीन सेन्टरों पर भी परिजनों को खुद से अपने मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन, जरूरी दबाएँ एवँ खाने पीने चीजों का प्रबंध किया जा रहा है दूसरी ओर सरकार सामुदायिक किचन के नाम पर लूट का बाजार खोलने का ढोंग कर रही है।मरीजों को एंम्बुलेंस नहीं मिल रहा है। भागलपुर अस्पताल में दादा के लिए आक्सीजन की मांग करने पर पोता को मुंगेर जेल भेज दिया गया। जो घोर अमानवीय कार्य है। उन्होंने कहा कि मुंगेर, जमुई, भागलपुर, बांका में कई मौते हुई है। वैक्सीन का भी जिलों में घोर अभाव हेै। जिसके चलते वैक्सीनेशन का कार्य भी मुंगेर बांका जमुई सहित आसपास के जिलों में काफी धीमी गति से चल रही है।इस पर अविलंब सरकार पहल करें।
