पुलिस के सहारे बेरोजगारों की आवाज दबाना चाहती है नीतीश सरकार उक्त बातें राष्ट्रीय जनता दल के युवा राष्ट्रीय महासचिव अविनाश कुमार विद्यार्थी उर्फ मुकेश यादव राज्य परिषद सदस्य शिशिर कुमार लालू पंचायती राज प्रदेश महासचिव मनीष कुमार प्रदेश सचिव दिनेश यादव जिला उपाध्यक्ष मंटू शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा आज महान समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया जीके जयंती पर राष्ट्रीय जनता दल के द्वारा बेरोजगारी सहित बिहार में बढ़ते अपराध शिक्षकों के साथ अन्याय संविदा कर्मियों को अस्थाई करण को लेकर बढ़ती महंगाई एवं संवेदनहीन सरकार के खिलाफ विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया क्योंकि महान समाजवादी नेता डॉ राम मनोहर लोहिया जी ने कहा था कि जब सड़क शांत हो जाएगी तो संसद आवारा हो जाएगा आज इस कथनी को बिहार के मौजूदा नीतीश सरकार ने पुलिस के माध्यम से लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई आज पटना में राजद के द्वारा प्रस्तावित विधानसभा घेराव का नेतृत्व राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव सहित कई नेताओं ने किया इस शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव के कार्यक्रम को नीतीश सरकार के द्वारा पुलिस के बल पर रोकने की कोशिश की गई जबकि राष्ट्रीय जनता दल सहित महागठबंधन के नेता बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों को लेकर पूर्व से प्रस्तावित विधानसभा मार्च को शांतिपूर्ण ढंग से लेकर चल रहे थे इसके बावजूद बिहार के पुलिस द्वारा इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की गई जबकि राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता शालीनता का परिचय देते हुए सरकार विरोधी नारे लगाते आगे बढ़ रहे थे इसी बीच बिहार पुलिस के द्वारा शांति मार्च को रोकने की कोशिश की गई पानी की बौछारें सहित पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया साथ ही साथ पुलिस के द्वारा प्रदर्शनकारियों पर पथराव भी किया गया जिसमें हमारे कई नेता एवं कार्यकर्ताओं को चोटे आई है इससे यह साफ जाहिर होता है कि बिहार के मुखिया नितीश कुमार सत्ता के नशे में चूर हैं आज जहां प्रदेश में युवा बेरोजगार है किसान भुखमरी के कगार पर है नौकरी पेशे वाले लोग सरकार की नीतियों से डरे और सहमे हैं इस परिस्थिति में हमारे आदरणीय नेता तेजस्वी यादव ने लोगों की आवाज बन बिहार सरकार का नींद खोलने के लिए शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे लेकिन इस संवेदनहीन सरकार को लोगों के दुख दर्द में शामिल ना हो कर सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने का चिंता रहती है शांतिपूर्ण सभी विरोध प्रदर्शन को करने वाले तमाम राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को सरकार के द्वारा एवं सत्तारूढ़ दल के नेताओं के द्वारा अपराधी एवं गुंडा कहा जाता है जिसकी राष्ट्रीय जनता दल कठोर शब्दों में निंदा करती है ऐसा लगता है कि प्रदेश में जनता की चुनी हुई नहीं राजतंत्र सहित हिटलर शाही की सरकार है जब जब लोग अपनी पीड़ा को लेकर सरकार से वह लगाते हैं तो सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा गुंडा एवं अपराधी कहा जाता बिहार सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए एवं विरोधी दलों के द्वारा आम लोगों की आवाज ना उठाया जाए इसके लिए विधानसभा में एक नया सशस्त्र पुलिस अधिनियम लागू कराने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है जिसमें पुलिस को यह अधिकार दिया जा रहा है की बिना वारंट के किसी को गिरफ्तार कर सकती है साथ ही साथ बिना वारंट के किसी के घर की तलाशी भी लेने की पुलिस को अधिकार दिया जाता है इसका राष्ट्रीय जनता दल सहित तमाम विपक्षी दल एवं बिहार के बुद्धिजीवी एवं समाजिक संगठनों द्वारा गैर संवैधानिक कहा जा रहा है हम मांग करते हैं कि बेरोजगारी के लिए शांतिपूर्ण मार्च में पुलिस द्वारा जो बर्बरता पूर्ण कारवाई किया गया है उसकी जांच क्या दोषी पुलिस अधिकारी पर मुकदमा दर्ज किया जाए
