*मुखिया सिर्फ मोहरा असली भ्रष्टाचारी तो पदाधिकारी, ठेकेदार और मंत्री हैं - संजय केशरी* नल-जल योजना में भ्रष्टाचार के आरोप में मुखिया एवं पंचायत प्रतिनिधियों को भ्रष्ट बताकर अगर जेल भेजा जा रहा है तो सबसे पहले संबंधित भ्रष्ट पदाधिकारियों एवं ठेकेदारों को जेल भेजा जाय और उसके संरक्षणकर्ता पीएचइडी मंत्री पर कार्रवाई करते हुए बिहार के मुखिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। उपर्युक्त बातें एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने भगत सिंह चौक पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन करते हुए कहा। श्री केशरी ने कहा कि मुखिया को एक तरफ जहां जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का दबाव रहता है तो दूसरी ओर सरकारी पदाधिकारियों, दलालों तथा ठेकेदारों द्वारा हर कदम पर मुखिया को ब्लैकमेल किया जाता है लेकिन उनकी परेशानियों को समझे बगैर उल्टे उन्हें ही जेल भेजने की साज़िश हो रही है। एनसीपी नेता संजय केशरी ने कहा कि सिर्फ नल-जल योजना ही क्यों नीतीश कुमार के संरक्षण में बिहार के सभी विभागों में भ्रष्टाचार की गंगोत्री बह रही है। अंतर्जातीय अंतर्धर्मीय कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश कुमार गुप्ता एवं बेरोजगार सेना के प्रांतीय संयोजक मनोरंजन कुमार सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार का जुमला है कि हमारी सरकार ना तो किसी को फंसाती है और ना ही किसी को बचाती है लेकिन दोषियों को बचाया और निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। एनसीपी प्रदेश महासचिव राजीव शर्मा एवं महिला नेत्री सोनी सिन्हा ने कहा कि पूरे देश में नीतीश कुमार भ्रष्टाचारियों के सबसे बड़े संरक्षक मुख्यमंत्री साबित हो रहे हैं। पुतला दहन कार्यक्रम में एनसीपी नेता आजाद शर्मा, अजित कुमार, दयानंद यादव, अजय प्रसाद, मो० सलाम, बंटी राम एवं पप्पू मंडल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।