आंगनवाड़ी सेविका कुंदन वाला अपने क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं, प्रसूति महिलाओं और धातृ महिलाओं को सही पोषण के लिए प्रेरित करती हैं और सेविका दीदी की सलाह के अनुसार छह महीने तक सिर्फ और सिर्फ अपना दूध पिलाया इसके बाद महसूस किया कि मेरी बच्ची का वजन उसके उम्र के अनुसार नहीं बढ़ पा रहा है तो मैंने इस सम्बंध में सेविका दीदी से सलाह ली तो उन्होंने बच्ची को सही देखभाल के लिए मुंगेर स्थित पोषण और पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की सलाह दी। इसके बाद सेविका दीदी ने अपने साथ लेकर मेरी बच्ची को 19 जनवरी को पोषण पुनर्वास केंद्र मुंगेर में भर्ती करवाई| उस समय मेरी बच्ची का वजन 7.100 किलोग्राम था। वहां 18 दिन रखने के बाद 05 फरवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज के वक्त मेरी बच्ची का वजन 7.925 किलोग्राम था। पोषण एवं पुनर्वास केंद्र मुंगेर की फीडिंग डिमांस्ट्रेटर रचना भारती ने बताया कि 'सही पोषण तो देश रोशन' के लिए आवश्यक है कि गर्भधारण के साथ ही गर्भवती महिला के पोषण पर ध्यान देने की अवश्यकता है ताकि महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को भी सही पोषण मिल सके। ताया कि बच्चे के जन्म के एक घंटा के अंदर बच्चे को मां का गाढ़ा पीला दूध कोलेस्ट्रम अवश्य पिलाना चाहिए और जन्म के छह महीने तक बच्चे को सिर्फ और सिर्फ स्तनपान ही कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि मां के दूध में 80 प्रतिशत पानी के अलावे सभी आवश्यक तत्व मौजूद रहते हैं जो छह महीने के शिशु के लिए आवश्यक होता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि छह महीने के बाद बच्चे को मां के स्तनपान के साथ अनुपूरक आहार के रूप में पाउडर के रूप में कैलोरी से युक्त सही मात्रा में गुनवतापूर्ण आहार देना आवश्यक है।