24 फरवरी,मुंगेर ----------------------- विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-2022 के आम बजट में बिहार में 18 मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर राशि आवंटित किए जाने एवं मुंगेर जिला मुख्यालय को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से वंचित रखे जाने को लेकर जिला राजद मुंगेर ने बिहार के डबल इंजन सरकार के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर जिला राजद कार्यालय में जिला अध्यक्ष डॉ देवकीनंदन सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर आंदोलन की तैयारी के लिए विचार विमर्श किया गया । बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर देवकीनंदन सिंह ने कहा की बिहार की चर मराई स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्य मंत्री मंडल द्वारा सभी जिला मुख्यालय में मेडिकल कॉलेज खोलने का नीतिगत फैसला लिया गया। जिसके तहत पूर्व में 8 जिलों के लिए मेडिकल कॉलेज के मद में राशि भी आवंटित कर दिया गया था। जबकि 21 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2021- 2022 के लिए बिहार में पुनः मेडिकल कॉलेज के लिए राशि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है । राज्य परिषद सदस्य नरेश सिंह यादव ने कहा कि बिहार में डबल इंजन की गूंगी बहरी सरकार बिना आंदोलन के किए सुनने वाली नहीं है जिस तरह मुंगेर में विश्वविद्यालय निर्माण को लेकर राजद ने चरणबद्ध आंदोलन चलाया था ।उसी तरह मुंगेर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए भी आंदोलन करने की आवश्यकता है। जिला उपाध्यक्ष प्रो शब्बीर हसन, संजय पासवान एवं प्रोफेसर विनय सुमन ने कहा कि मुंगेर में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति सबसे बत्तर है,यहां के सदर अस्पताल में मरीजों का उचित इलाज नहीं हो पाता है, पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों का अभाव रहता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम पर चारों ओर निजी चिकित्सकों एवं सरकारी चिकित्सकों द्वारा कुकुरमुत्ता की तरह निजी क्लीनिक खोल कर मरीजों का भया दोहन कर रही है। जबकि सदर अस्पताल में इलाज के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर रेफर कर दिया जाता है।जिस कारण पटना या भागलपुर अस्पताल जाने के क्रम में रास्ते में ही मरीजों की मौत होते जा रही है। ऐसी स्थिति में वर्षों से मुंगेर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने की अनिवार्यता महसूस करते हुए जिला राष्ट्रीय जनता दल सहित सभी महागठबंधन के साथी सरकार से मांग करते रही है लेकिन 16 वर्षों से नीतीश सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। बैठक में महागठबंधन दल सीपीआई के जिला सचिव दिलीप कुमार ने कहा कि नीतीश सरकार जानबूझकर मुंगेर जिला को जो प्रमंडलीय मुख्यालय भी है जहां प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खुल जाना चाहिए था।सरकार यहां मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने में नए नए बहाने करते रहती है बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की मुंगेर में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन तब तक चला जाए जब तक मुंगेर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने से संबंधित सरकारी प्रक्रिया पूरी नहीं किया जाता है बैठक में वक्ताओं ने एनडीए सरकार के मुंगेर जदयू सांसद ललन सिंह एवं भाजपा विधायक प्रणव कुमार को मुंगेर विकास विरोधी जनप्रतिनिधि बताया है जिन्होंने मुंगेर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को लेकर कोई टिप्पणी नहीं दिया ऐसी निकम्मी नीतीश सरकार एवं मुंगेर के सांसद और विधायक के कार्यप्रणाली के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया । बैठक में सर्वसम्मति से 18 मार्च को लोकनायक जयप्रकाश नारायण के छात्र आंदोलन में शहीद छात्रों के लिए शहीद दिवस के मौके पर मुंगेर बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान लगातार धरना प्रदर्शन नुक्कड़ सभा मशाल जुलूस हस्ताक्षर अभियान जैसे आंदोलन चलता रहेगा। बैठक में जिला उपाध्यक्ष प्रवक्ता मंटू शर्मा, प्रधान महासचिव डॉ शरद राय उर्फ बमबम,महासचिव सह मीडिया प्रभारी गजेंद्र कुमार हिमांशु उर्फ अरविंद, महासचिव मोहम्मद आविद हुसैन, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ गोरेलाल जी,जिला सचिव राजेश रमन, विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सरोज कुमार सिंह ,सीपीआई के छात्र नेता मसीहुद्दीन ,सीपीआई नेता बिंदेश्वरी दीन ,राजद के प्रफुल्ल गुप्ता ,मोहम्मद शकील ,प्रेम यादव आदि उपस्थित थे।