धरहरा(संवाददाता): कड़ाके की ठंड ने गरीब मजदूरों सहित आम लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने आम जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।धरहरा प्रखंड पहाडो़ से घिरा होने के कारण आस -पास के क्षेत्रो मे भीषण ठंढ से लोग कपकपा रहे है।प्रशासन के द्वारा अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना कराना पड़ रहा है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन से जगह-जगह अलाव जलाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण विष्णु सिंह,पुनीत कुमार, शंकर सिंह,राजा,संजय कुमार सहित दर्जनों लोगो ने बताया कि इस ठिठुरन भरी ठंड में गरीब मजदूरों का जीना मुश्किल हो गया है।ठंड में लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए सोचना पड़ रहा हैं।ग्रामीणों ने बताया प्रत्येक वर्ष अंचल कार्यालय के द्वारा अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था की जाती थी,लेकिन इस बार अलाव की ठोस व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।लोग जहां-तहां से कागज, पोलीथीन,सूखा कचरा जला कर इस कड़ाके की ठंड में गुजर बसर करने को मजबूर हैं।जबकि पोलीथीन एवं कचरे से निकलने वाले रसायनिक धुआं स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है । उसके बावजूद भी लोग ठंड से बचने के लिए कचरा जलाने को मजबूर हैं।इस संबंध में सीओ पूजा कुमारी ने बताया कि 14 दिसंबर से धरहरा सीएचसी,रेलवे स्टेशन परिसर स्थित ऑटो स्टैंड एवं ईटवा चौक पर रोजाना 5 किलो लकड़ी अलाव के लिए दी जाती है।वहीं धरहरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर महेंद्र कुमार ने बताया कि विगत 20 से 25 दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिसमें मात्र दो दिन 5-5 किलोग्राम लकड़ी अंचल कार्यालय के कर्मियों द्वारा दी गई ।
