बिहार राज्य के मुंगेर जिला से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे है की चुरम्बा के बीड़ी मजदुर मोहम्मद अजहर उन्हों ने बताया कि मजदुर श्रमिकों को अपने पैसे काट कर सूखी पत्तीआदि खरीदनी पड़ती है ,क्यूंकि उन्हें सूखी पत्ती नहीं मिलने से उन्हें अपनी मजदूरी में से 120 रुपय में 20 रुपय का सूखा या पत्ती खुद से ख़रीदा करना पड़ता है,जिस कारण मजदूरी 80 रूपए पद जाती है। मोहम्मद अजहर चाहतें हैं,कि सरकारद्वारा उन्हें कुछ सहयोग मिले ताकि आगे वो अपने परिवार का सहयोग कर सकें। उन्हों ने बताया की 12 साल की उम्र से वो बीड़ी बनाने का काम कर रहे है ,पहले 1000 बीड़ी बनाने में 34 रुपय मिलते थे और अभी 120 रुपय मिल रहे है उनका कहना है की पहले ही मजदूरी सही मिलती थी अभी नहीं क्यूंकि अभी खुद से सूखा और पत्ती की खरीद करनी पद रही है।बीड़ी बनाने में सरे परिवार के लोग मिल कर एक दूसरे का सहयोग करते हैं और एक से दो हज़ार बीड़ी बना लेते है
