अभिभावक गोष्ठी का आयोजन रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर शादीपुर मुंगेर के विशाल प्रशाल में दो सत्रों में कक्षा अरुण से द्वितीय एवं कक्षा तृतीय से पंचम तक के भैया बहनों के अभिभावकों की गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के प्रथम सत्र के प्रारंभ में मां सरस्वती ,भारत माता के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प पार्चन का कार्य गोष्ठी के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार सिंह ,विद्यालय के मंत्री जयराम सिंह एवं प्रधानाचार्य अखिलेश पांडेय के द्वारा किया गया। प्रथम सत्र में गोष्ठी का उद्देश्य बताते हुए आचार्या चंचला सिन्हा ने कहा कि कोरोनाकाल में हमारे भैया बहन हमसे जुड़े रहे ,उनकी पढ़ाई बाधित नहीं हो अभिभावकों का भी भरपूर सहयोग मिलता रहे, इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई ।प्रथम आवधिक परीक्षा एवं अर्धवार्षिक परीक्षा भी ली गई आगे भी द्वितीय आवधिक परीक्षा एवं वार्षिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए अभिभावकों के सहयोग की अपेक्षा है। अभिभाविका रश्मि कुमारी ने कहा कि इस कोरोना महामारी में भी यहां के आचार्य के द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन के माध्यम से अविश्वसनीय एवं अकल्पनीय कार्य किया गया है,जिससे छोटे-छोटे बच्चे भी अपने पढ़ाई के प्रति सतत जुड़े हुए हैं ।अनमोल के दादाजी ने कहा कि ऑनलाइन के माध्यम से बच्चों में तकनीकी शिक्षा के प्रति काफी विकास हुआ है। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र की अध्यक्षता कक्षा पंचम की बहन एलिना शेखर के पिता चंद्रशेखर के द्वारा किया गया। संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि इस वैश्विक महामारी में हम सबों को बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है ,साथ ही इससे हमें बहुत कुछ सीखने व संभलने का भी अवसर प्राप्त हुआ है ।विद्यालय के प्रधानाचार्य अखिलेश पांडेय ने कहा कि इस संक्रमण काल में सारी चीजें थम सी गई है ।यह बीमारी एक दूसरे से आगे निकलने की स्पर्धा में उत्पन्न हुई है ।कठिन परिस्थिति में रास्ता निकाल कर हमारे आचार्य बंधुओं ने आप तक पहुंचने का प्रयास किया है ।आप लोगों के सहयोग से बहुत सारी समस्याएं रहते हुए भी हम लोग जुड़े रहे ,परिणाम स्वरुप बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई।संक्रमण काल में विकट परिस्थिति में भी निसंकोच विद्यालय की ओर से आग्रह किए गए शुल्क की राशि को जमा कर सहयोग करें ,जिससे आचार्यों की टीम का भरण -पोषण हो सके। आधुनिक शिक्षण की सारी व्यवस्था उपलब्ध है ।आगे विद्यालय खुलने पर आप के शिशु का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई निश्चित रूप से कर देंगे।