बिहार राज्य के जिला खगड़िया के अगरन पंचायत से नरेश आनंद ने पूर्व मुखिया रतन मंडल से सातों शौचालय के बारे में साक्षात्कार लिया। जिसमें रतन मंडल ने कहा कि उन्हें सातों शौचालय के बारे में जानकारी नहीं है। वहीँ उनका कहना है कि जिस समय शौचालय नहीं था उस समय शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था। जिससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस होता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि शौचालय नहीं रहने की वजह से उन्हें शौच करने बाहर जाते थे। साथ ही साथ उन्हें साँप, बिच्छू जैसे खतरनाक जानवरों से, साथ ही कई प्रकार के कठिनायों और होने वाली बिमारियों का भी सामना करना पड़ता था । इन सभी चीजों से बचने के लिए उन्होंने अपने घर शौचालय बनवाया। तब नरेश आनंद ने सातो शौचालय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सातो शौचालय में टंकी भरने का कोई भी दिक्कत नहीं होता और इसमें एक लीटर पानी का खपत होता है और दुर्गन्ध भी नहीं होता। साथ ही साथ नरेश आनंद ने बताया कि जैविक खाद के रूप में प्रयोग करेंगे और उर्वराशक्ति बढाने मे मदद मिलेगी
