बिहार राज्य के जिला मुंगेर से अबोध ठाकुर मोबाइल वाली के माध्यम से नरेश आनंद से साक्षात्कार ले रहे है जिसमें नरेश आनंद कहना है कि इनके घर में जब शौचालय नहीं बना हुआ था तो घर से बाहर शौच के लिए जाना पड़ता था जिसमें महिलाओं को काफी दिक्कत होती थी लेकिन अभी शौचालय बनने से राहत मिली है।वही बरसात के समय शौच के लिए छाता लेकर किसी तरह दिक्कतों का सामना करते हुए बाहर जाना पड़ता था। जब वर्तमान समय में अब शौचालय है तो उसमे वह पांच लीटर पानी का प्रयोग करते है।जिससे अगर इसी तरह परिवार के सभी लोग पानी खर्च करेंगे तो टंकी जल्द ही भर जाएगी।इस स्थिति में अबोध ठाकुर ने सातो शौचालय के बारे में उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि एक लीटर पानी में ही शौच कर सकते हैं और सबसे बड़ी फायदे की बात यह है कि जल संरक्षण यानि पानी की भी बचत होगी और कम पानी देने से बदबू भी कम निकलेगा इतना ही नहीं जो शौचालय आपका तीन या चार वर्षो में पानी के कारण भर जाता है लेकिन सातो शौचालय की व्यवस्था ऐसी है की यह कई वर्ष में भी नहीं भरेगा।