मेवालाल चौधरी के इस्तीफे पर राजद की तीखी प्रतिक्रिया बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के इस्तीफा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला राजद के और उपाध्यक्ष सह राज्य परिषद सदस्य प्रो विनय कुमार सुमन ,अल्पसंख्य प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मो साहेब मलिक, अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष श्रीनिवास सिंह, पंचायती राज के जिला अध्यक्ष विजय कुमार यादव एवं पूर्व जिला छात्र राजद के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने कहा है कि मेवालाल पर केस नंबर 4/ 2017 के तहत नौकरी नियुक्ति में बड़े पैमाने पर धांधली एवं भवन निर्माण में बरती गई अनियमितता के तहत केस दर्ज होने तथा कई जांच एजेंसियों द्वारा उसे दोषी ठहराए जाने के बावजूद उसे जदयू से उम्मीदवार बनाना एवं जीतने पर शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन करना यह इस बात का घोतक है कि मेवालाल एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच कहीं ना कहीं घोटाला में सहभागिता है ।ज्ञात हो कि सबौर कृषि विश्वविद्यालय भागलपुर की स्थापना के समय ही नीतीश कुमार ने मेवालाल चौधरी को सबौर कृषि विश्वविद्यालय का प्रथम कुलपति बनाया था। नियुक्ति में बड़े पैमाने पर धांधली के कारण उस समय के वर्तमान राज्यपाल महामहिम रामनाथ कोविंद के आदेशानुसार बिहार सरकार ने मेवालाल के विरुद्ध केस दर्ज किया था ।केस दर्ज होने के बाद जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से नीतीश कुमार ने उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। महबूब आलम की कोर्ट ने मेवालाल पर लगाए गए आरोपों की सुनवाई करते हुए उसे दोषी पाया था । ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति को नीतीश कुमार ने 2020 के विधानसभा चुनाव में न सिर्फ उम्मीदवार बनाया बल्कि जीतने पर उसे शिक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठा कर उसे पुरस्कृत करने का काम किया। कल रात्रि में मेवालाल मुख्यमंत्री से मिलने गए तो राजनीति गलियारों में यह कयास लगाया जा रहा था कि मेवालाल अपने पद से इस्तीफा दे देंगे ।पर आज 12:30 वह सचिवालय जाकर पदभार भी ग्रहण कर लिया फिर किस दबाव में 3:00 बजे मेवालाल से इस्तीफा कराया गया। इसका जवाब बिहार के मुख्यमंत्री से मांगते हुए जिला राजद मुंगेर ने नीतीश कुमार से अभिलंब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की बात की है। जिससे कि मेवालाल को बचाने के लिए नीतीश कुमार द्वारा जांच एजेंसियों पर दबाव नहीं बनाया जा सके ।
