धरहरा(संवाददाता):मुंगेर जिला प्रशासन मुंगेर के सभी महिला पर्यवेक्षिका को चुनाव कार्य मे लगाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर रही है वही मुंगेर जिले के आईसीडीएस विभाग के नौकरशाह की उदासीनता के कारण जिले के अधिकांश महिला पर्यवेक्षिका का वेतन आवंटन रहने के बावजूद सात माह से लंबित है।बताया जाता है कि लाँकडाउन होने के बाबजूद आईसीडीएस विभाग की महिला पर्यवेक्षिका ने तन-मन के साथ कोरोना योद्धा की तरह विभाग का काम किया,लेकिन विभाग के नौकरशाह इतने बेरहम है कि आईसीडीएस विभाग द्वारा आवंटन कई माह पूर्व आवंटन आने के बावजूद मुंगेर के अधिकांश महिला पर्यवेक्षिका का वेतन अब तक निर्गत नही किया है जिससे पर्यवेक्षिकाओ को आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है।सनद रहे कि अप्रैल माह से कागजी खानापूर्ति का बहाना बनाकर आईसीडीएस मुंगेर के पदाधिकारी अधिकांश महिला पर्यवेक्षिका का मानदेय पर कुंडली मारकर बैठी है।विदित हो कि सरकार का फरमान था कि कोई भी संविदा कर्मी का कोरोना महामारी को देखते हुए अप्रैल तक का मानदेय अतिशीघ्र दिया जाय परंतु आईसीडीएस विभाग के नौकरशाह इतने तानाशाह है कि सात माह होने के बावजूद आईसीडीएस विभाग के अधिकांश पर्यवेक्षिका का मानदेय नही मिला है।आईसीडीएस विभाग के महिला पर्यवेक्षिका ने जिलाधिकारी राजेश मीणा से मानदेय दिलवाने की मांग की है ।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।