वर्तमान में बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर स्थिति यह आ गई है कि सभी पार्टी अपना पता खोलने से हिचकिचा रहे हैं और प्रथम चरण का चुनाव 28 अक्टूबर को होना है। विधायक की लालसा लेकर बैठे मुंगेर जिला से सैकड़ों नेता अपने समर्थकों के साथ 1 सप्ताह से पटना कूच कर बैठे हुए हैं। पटना जाने वालों में जदयू राजद भाजपा सीपीआई माले कॉन्ग्रेस सहित अन्य दल के नेता शामिल है और अपने कागजात को कंप्लीट कर टिकट की बाट जो रहे है। ऐसे प्रत्याशियों को दोहरे आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है, क्योंकि अपने साथ-साथ समर्थकों की भी खर्च उठाना पड़ रहा है। एक जानकारी के मुताबिक एक मंत्री, पूर्व मंत्री के पुत्र जय वर्मा व पुत्री अंबिका वर्मा, दिलीप मंडल धीरेंद्र मंडल दुर्गेश सिंह, विधायक विजय कुमार विजय, अविनाश विद्यार्थी, संजय सिंह यादव, सुबोध ताँती, मेवालाल चौधरी, प्रीतम कुमार सिंह मुनाजिर हुसैन, कंचन गुप्ता सहित जिले के कई पार्टी के वरीय पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं और अपने प्रत्याशी को टिकट के लिए एड़ी चोटी एक कर रहे हैं। विदित हो कि मुंगेर जिले में 3 विधानसभा क्षेत्र में मुंगेर जमालपुर तारापुर विधानसभा है। जिस पर दो पर जदयू का कब्जा और एक पर राजद का है। जमालपुर विधानसभा सीट पर जदयू का मंत्री शैलेस कुमार कब्जा हैं। वहीं तारापुर सीट पर जदयू के मेवालाल चौधरी विधायक हैं। जबकि मुंगेर सीट पर राजद के विजय कुमार विजय हैं। इधर जिले के मतदाताओं में प्रत्याशी को लेकर संशय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर एनडीए गठबंधन में रार बना हुआ हैं। और इस रार को सुलझाने को लेकर पार्टी नेताओं की बैठक दर बैठक जारी हैं। यदि लोजपा गठबंधन से अलग होकर 143 सीट पर प्रत्याशी देने की स्थिति में जिले में त्रिकोणीय मुकाबला होगा।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
