महंगा पड़ा किसान सलाहकारों को प्रदर्शन करना - प्रदर्शन करने वाले किसान सलाहकारों का 18 दिनों का काटा गया मानदेय -मानदेय काटे जाने से किसान सलाहकार आक्रोशित मुंगेर: किसान सलाहकारों का शनिवार को जिला कृषि कार्यालय में प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया प्रदर्शन कर रहे किसान सलाहकारों का मानदेय में कटौती किया गया हें। जिले के किसान सलाहकारों का अगस्त में 18 दिन के मानदेय में कटौती की गई है। किसान सलाहकारों पर सर्वेक्षण शून्य रहने का आरोप लगाया गया हैं। किसान सलाहकारों ने जिला कृषि पदाधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाया है।.इसके साथ ही विभाग द्वारा समय-समय पर किसान सलाहकारों से संबंधित जारी निर्देश से भी स्पष्ट होता है कि, विभाग किसान सलाहकार को कुछ नहीं समझता है। क्योंकि, एक तरफ कृषि विभाग किसान सलाहकारों को गैर तकनीकी कर्मी मानती है, तो दूसरी तरफ हर खेत को पानी योजना के सर्वेक्षण जैसे तकनीकी कार्य करने के लिए दबाव भी बनाती है। इसी दबाव के तहत जिला कृषि पदाधिकारी ने शनिवार को जिला के 6 प्रखंडों के 11 किसान सलाहकारों के मानदेय में 18 दिन की कटौती से संबंधित पत्र जारी किया। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार किसान सलाहकारों ने 1 से 18 अगस्त तक हर खेत को पानी योजना में शून्य सर्वेक्षण किया है। इसीलिए काम नहीं तो मानदेय नहीं के तर्ज पर किसान सलाहकारों के मानदेय में कटौती की गई है। बोले किसान सलाहकार संघ के अध्यक्ष : किसान सलाहकार संघ, मुंगेर जिला इकाई के अध्यक्ष भरत लाल ने कहा कि, शुक्रवार को किसान सलाहकार द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का जवाब मानदेय काट कर दिया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी मनमानी कर रहे हैं। सरकार के राज्यादेश के अनुसार किसान सलाहकार तकनीकी कर्मी है। हमारा काम काम किसानों के बीच प्रचार- प्रसार करना है। किंतु, हर खेत को पानी का सर्वेक्षण तकनीक युक्त है। इसके बावजूद बिना किसी संसाधन के विभागीय पदाधिकारी दबाव बनाकर भूखंडबार सर्वेक्षण कराना चाहती है। इस परिस्थिति में हम सरकार से मांग करते हैं कि, या तो वह किसान सलाहकारों को तकनीकी कर्मी का विभागीय पत्र निर्गत करें या हर खेत को पानी का भूखंडवार सर्वेक्षण से अलग रखें। –----------- बोले जिला कृषि पदाधिकारी : जिला कृषि पदाधिकारी विजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि, कृषि निदेशक पटना, बिहार के पत्रांक 212 दिनांक 28- 8- 2020 के आलोक में शुन्य सर्वेक्षण करने वाले किसान सलाहकारों के विरुद्ध मानदेय कटौती की कार्यवाई की है। जबकि, अच्छे काम करने वाले किसान सलाहकारों को पुरस्कृत भी किया गया है। सर्वेक्षण का कार्य कृषि से ही संबंधित है। यह गैर कृषि कार्य नहीं है। इसके लिए प्रत्येक किसान सलाहकार को प्रत्येक पंचायत के लिए 3000 दिया जा रहा है। यह सर्वेक्षण से संबंधित संसाधन के लिए ही है।
