- संक्रमण को प्रकोप मानकर समूह में पूजा करने निकल जा रही हैं महिलाएं - दूसरों की कही सुनी बातों, भ्रांतियां और नकल की प्रवृत्ति से अंधविश्वास ले रहा जन्म - परिवार के लोगों को भी आना होगा आगे, समझाएं यह महामारी है कोई प्रकोप नहीं कोरोना का संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। शहर के साथ-साथ गांव और कस्बों तक इसका प्रभाव प​हुंच चुका है। इसकी दवा अब तक नहीं है, हालांकि ​वैश्विक स्तर पर वैक्सीन को लेकर अनुसंधान लगातार जारी है। इधर, संक्रमण को लेकर तरह- तरह की भ्रांतियां और अंधविश्वास भी जन्म ले रहे हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों में ज्यादा भ्रम की स्थिति है। संक्रमण की खबरों से परेशान कई गांवों में इसे प्रकोप तक माना जा रहा है। वहीं बहुत से जगहों पर ​महिलाएं कोविड-19 को 'कोरोना माई' की संज्ञा तक देकर पूजा-पाठ भी किया जा रहा है। पर वास्तविकता में महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण जागरूकता का अभाव और नियमों की अनदेखी है। दूसरों की कही सुनी बातों और उसके अनुकरण से अंधविश्वास जन्म लेता है। इसलिए सतर्कता और सजह रहते हुए अपनी सुरक्षा स्वयं करना ज्यादा जरूरी है. ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तृत जानकारी। श्रोताओं 9278701369 पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद