‘ • गरीबों को मुख्य धारा से जोड़ने में सहयोगी संस्था निभा रही महत्वपूर्ण योगदान • संसाधनों की कमी अनूप लाल के लिए नहीं बनी बाधक • सब्जी बेचने के सपने को सहयोगी संस्था ने किया पूरा गरीबी दूर करने के प्रयासों को लेकर सरकारी महकमा चाहे जितनी भी अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन आज भी समाज में वंचित एवं गरीब परिवार फूस की छत के नीचे ही बसर करते आपको दिख जाएंगे. वंचित एवं गरीब समुदाय के लोगों के पास संसाधनों की कमी एवं रोजगार के सिमित अवसर होने के कारण उनके सामने रोजगार के तौर पर मजदूरी के अलावा कोई और दूसरा विकल्प शेष नहीं बचता. विकास और प्रगति की बातें उन गरीबों के लिए महज मजाक बन जाती है, जब उनके सामने अपने पेट भरने की चुनौती खडी होती है. ऐसे दौर में सहयोगी संस्था इन वंचित एवं गरीब परिवारों के सामाजिक, आर्थिक एवं शारीरिक उत्थान में सहयोग कर रही है. सहयोगी संस्था के सहयोग का ही नतीजा है कि जिले के बाघमारा गाँव के 45 वर्षीय अनूप लाल इंट के भट्टे को छोड़कर आज सब्जी बेचने के सपने को साकार कर पाए हैं. उनके इस काम में उनके बेटे भी सहयोग कर रहे हैं और अच्छी आय सृजित कर पा रहे हैं. ऑडियो पर क्लिक कर सुनें विस्तृत रिपोर्ट। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद