मुंगेर अंतर्गत तारापुर थाना क्षेत्र के पढ़भरा गांव से 17 जुलाई से लापता हुए अमन कुमार और आदित्य कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्याकांड में शामिल रुस्तम यादव, अंबुज यादव और ऋषभ सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया है। हत्याकांड में शामिल दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी जारी है।मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि तारापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत परभरा गांव के रहने वाले अमन कुमार और आदित्य कुमार को 17 तारीख को उसके गांव के ही कुछ लोगों ने धोखे से बुलाकर सुल्तानगंज ले जाने के बाद हत्या कर दी थी। इस मामले में परिजनों ने अपहरण की प्राथमिकी तारापुर थाने में दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जिला सूचना इकाई प्रभारी शैलेश कुमार के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम में संग्रामपुर थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार, असरगंज थानाध्यक्ष स्वयंप्रभा, तारापुर थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार, हरपुर थानाध्यक्ष कमल किस्कू के अलावा जिला आसूचना इकाई के जवान शामिल थे। अनुसंधान के दौरान प्राथमिकी नामजद अभियुक्त अंबुज यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अंबुज यादव से पूछताछ के दौरान ऋषभ कुशवाहा की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे भी हिरासत में लिया गया।दोनों से पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ. गांव के आपसी विवाद राम सिंह कुशवाहा ने यह साजिश रची थी. मृतक अमन के पिता पंकज सिंह कुशवाहा का विवाद गांव के ही और राम सिंह से था. इसी विवाद के कारण विकास सिंह और राम सिंह ने हत्या की साजिश रची थी। अंबुज यादव से पूछताछ के बाद पुलिस ने सुल्तानगंज थाना अंतर्गत तिलकपुर इमामबाड़ा के पास गंगा नदी के किनारे से एक शव बरामद किया। दूसरा शव बरामद नहीं किया जा सका है। अमन और आदित्य की हत्या कर शव गायब करने के मामले में फरार अभियुक्तों की तलाश में पुलिस द्वारा छापामारी की जा रही है। पढ़भरा गांव निवासी राम सिंह का विवाद मृतक अमन के पिता पंकज सिंह और आदित्य के पिता रवीन्द्र सिंह से चल रहा था। जमीन और दूसरे कारणों के विवाद के बाद राम सिंह ने पंकज सिंह और रवीन्द्र सिंह को सबक सिखाने के इरादे से अमन की हत्या की योजना बनाई थी। राम ने गांव के ऋषभ और अंबुज को धमकाकर इस योजना में शामिल किया था। 10 जुलाई को राम सिंह और उसके साथियों ने ऋषभ और अंबुज से मिलकर इस योजना हत्या की योजना बनाई थी और दोनों लगातार संपर्क में थे। 17 जुलाई को ऋषभ और अंबुज ने अमन और आदित्य को तारापुर आने ने एक दिन पहले ही सुलतानगंज थाना अंतर्गत तिलकपुर इमामबाड़ा के पास सुनसान बगीचे वाली जगह देख ली थी। सुल्तानगंज तिलकपुर इमामबाड़ा पहुंचने के बाद आदित्य और अमन को शराब पिलाई गई. ऋषभ और अंबुज ने साथियों के साथ मिलकर साजिश के तहत दोनों को शराब के नशे में धुत कर दिया गया। हत्यारों ने भी शराब पी लेकिन काफी कम मात्रा में शराब हत्यारों के द्वारा सेवन किया गया था। इस समय तक अमन और आदित्य को हत्या या किसी साजिश की भनक तक नहीं लग पाई थी. शराब पिलाने के बाद आदित्य को नहाने के बहाने गंगा नदी में ले जाया गया. ऋषभ और अंबुज योजना के तहत आदित्य को लेकर गंगा नदी में गए थे। नहाने के दौरान ही आदित्य और अमन को मारकर शव को गंगा नदी में फेंक दिया । पुलिस ने अंबुज यादव की निशानदेही पर शव को गंगा नदी के किनारे से बरामद किया गया. शव गंगा नदी के किनारे बरसाती पौधों में फंसा हुआ था। ऋषभ और अंबुज की निशानदेही पर शराब की बोतल, सिगरेट के पैकेट और ग्लास बरामद किए गए हैं।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
