गलवान में पीछे नहीं हटा चीन लद्दाख बॉर्डर पर भारत पूरी तरह तैयार। फिंगर पांच पर चीन ने दबाव बनाया। गंगा रजक की रिपोर्ट। लद्दाख भारत का ऐसा बॉर्डर रहा है जहां पर चीन जैसे दुश्मन से निपटने के लिए सेना को हर समय तैयार रहना पड़ता है। आज स्थिति बहुत ही गंभीर है कि चीन लद्दाख के पास जरूरी साजो सामान के साथ सेना को एलएसी के पास ला एकत्र किया है और पीछे हटने को तैयार नहीं है।चीन वादे से पलट गया है। जिसके भारत ने अपनी रणनीति बदली है। भारत ने चीन से स्पष्ट कहा है कि उम्मीद है चीन एलएसी पर शांति बहाल रखेगा तथा समझौते के प्रति चीन गंभीरता दिखाएगा। भारत को इस संदेश स्पष्ट है कि एलएसी बॉर्डर पर सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। फ्रांस ने राफेल 29 जुलाई को भारत पहुंचेगा जिससे हैमर मिसाइल लगाया जाएगा । यह मिसाइल फ्रांसीसी सेना के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। तथा भारत में इजराइल से मिले इस मिसाइल को भारत ने जांच परखा है। यह किसी भी परिस्थिति में दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर देती है। राफेल के लिए कई विवाद के बीच भारत कई वर्षों से इंतजार है। कुछ ही घंटों में राफेल आने के बाद इसे पहले गंभीर अवस्था वाले एलएसी लद्दाख बॉर्डर पर तैनात किए जाएंगे।तमाम घटनाक्रम के बीच में अतिरिक्त फौज तैयार कर ली है । ठंड आरंभ होने वाली है तथा यदि युद्ध हुआ तो भारत ठंड में क्या करेगा ? यह तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए भारत ने राशन पानी की व्यवस्था किया जा है। इधर चीन ने स्पष्ट कह दिया है कि पीछे कहीं से भी नहीं हटेगा।
