खगड़िया जिला के सहरी और ग्रामीण इलाके का हाल है बेहाल पिछले कई दिनों से जिले में कोरोना पजिटिव मरीज मिलने की रफ्तार घट गई है। इसका मतलब ऐसा नहीं है कि खगड़िया जिले में अब कोरोना का संक्रमण खत्म हो गया है। लेकिन शहर में इन दिनों खरीदारी करने वाले लोगों में कोरोना का खौफ नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि शहर की हर जगहों पर अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। सोशल डिस्टेंसिंग पालन करने की तो बात ही लोग भूल गए हैं। वहीं मास्क की अनिवार्यता को भी लगभग 75 प्रतिशत लोगों द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है। शहर में खरीदारी के लिए निकलने वाले शहरी हो अथवा ग्रामीण क्षेत्र के लोग सभी की स्थिति एक ही नजर आ रही है। इसमें से अधिकांश लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं देखा जा रहा है। लोग सामान्य दिनों की तरह ही बाजार में घूमकर खरीदारी कर रहे हैं। शहर की किराना हो या अन्य दुकानें हर जगह ग्रााहकों की लकडाउन से पहले वाली भीड़ देखी जा रही है। एक ग्राहक से दूसरे ग्राहक के बीच कोई दूरी नहीं देखी जा रही है। दुकानदार भी दबी जुबान से कह रहे हैं कि आखिर वे लोग अगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाएंगे तो ग्राहक थोड़ी ही उनके यहां खरीदारी करने का इंतजार करेंगे। पहले ही दो माह तक दुकानदारी चैपट हो चुकी है। ऐसे में वे लोग ग्राहकों के दुकान से वापस लौटने का रिस्क नहीं ले सकते हैं। वहीं दवा दुकानदारों द्वारा अपने कांउटर से भले ही लगभग एक से दो फीट की दूरी बना कर रखे हो, लेकिन उनके यहां खरीदारी करने के लिए आने वाले ग्राहकों के लिए किसी भी प्रकार का नियम नहीं है। एक ग्राहक से दूसरे ग्राहक तक सामान्य दिनों की तरह ही सटे रहते हैं। इसमें किसी को पता नहीं है कि कौन कहां से आया है और कौन कोरोना संक्रमित है। इसके लिए दवा दुकानदारों को ग्राहकों से भी एक दूसरे से दूरी बनाए रखने के लिए अपील करनी होगी। जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। इसके अलावा बैंक व सीएसपी में भी कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिसटेंस का पालन नहीं हो रहा है