खगड़िया जिला के मुख्य बाते यह बात तो तय हो गया की जिला प्रशासन धीरे-धीरे हर स्तर पर फेल नजर होते आ रहा है।आदेश के बाद सिर्फ कागजी आदेश रहना यह गंभीर सवाल है।शायद इसे जिलाधिकारी खगड़िया अवगत हो ना हो।बात में कोरोना संक्रमित कोन्टमेन्ट जोन की कर रहा है।मामला मानसी प्रखंड का  पशिचमी ठाठा पंचायत के राजाजान गाँव के वार्ड न०-3 महादलित टोला का मैं कर रहा हुँ।जहाँ एक बारह वर्षीय लड़का को कोरोना पोजेटिव मामला सामने आया।उक्त बच्चे का कोई बाहरी इतिहास नहीं है वावजुद तबीयत खराब हुई ओर कोरोना टेस्ट करवाया गया ओर रिपोर्ट पोजेटिव आ गया। बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने उक्त क्षेत्र को कोन्टेंटमेंट जोन घोषित किया।जिलाधिकारी एवं अनुमंडलपदाधिकारी के गोपनीय शाखा ने आदेश जारी कर विधि-व्यवस्ता बनाये जाने की पत्र निकाला।कागजों पर कर्मी एवं पदाधिकारियों को नियुक्त कर दिया।जोन को सील करने का आदेश दिया गया आने-जाने वाले लोगों पर नजर बनाये रखने की कागजी आदेश जारी किया गया।लेकिन कागजी आदेश दो दिन के बाद भी सरजमीन पर नहीं उतर सका।इतना ही नही कोन्टमेंट जोन के सामने ओर तो ओर महज कुछ ही दुरी पर चाय-नास्ता एवं अन्य तरह की दुकानें खुली नजर आ रही है।लोग उक्त चौक में भीड़ इक्ट्ठा करते नजर आते है।जिस क्षेत्र को जोन घोषित किया गया वहाँ के लोग आज भी हाट बाजार करते नजर आ रहे है।एक भी स्थानीय स्तर के ना तो पुलिसकर्मी है ना ही पदाधिकारी।रही सोशल डिस्टेंस की तो उसकी तो धज्जी उड़ रही है।आप इसे विडियो में देेेख सकते हैं।उक्त क्षेत्र के लोग ना तो मास्क का उपयोग कर रहे हैं ना ही सोशल डिस्टेंस का।संयोग से कहा जाय की उक्त जोन से महज कुछ ही दुरी पर मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द अवस्थित है,वावजुद ढ़ाक के तीन पात वाली कहावत।कागजों पर बड़ी-बड़ी आदेश निकालने वाले पदाधिकारी इतने लापरवाह दिखेगें मैं सोच नहीं सकता।मैं अब इस कोन्टमेंट जोन के बारे में कुछ नजर डालता हुँ,महादलित टोला होने के साथ-साथ कई लोग बाहर से भी आये हैं।पास में ही चाय नास्ता का दुकान है दर्जनों लोग नास्ता चाय का चुस्की लेते हैं।जिस बच्चा को कोरोना संक्रमित पाया गया ऐसा नही है की उसके साथ कई बच्चे खेलते भी नजर आते थे।