राष्ट्र निर्माण में बैंक की भूमिका होगी अहम। सरकार करोड़ों जनधन खाता खुलवाया,बैंक ने नियम का हवाला दें किया बंद - राजद । गंगा रजक की खास रिपोर्ट । मंगेर । लॉक डाउन खत्म होने के बाद राष्ट्र में बैंक की भूमिका अहम होगी बैंकों को भूत भविष्य और वर्तमान तीनों देखाना होगा। क्योंकि केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा के बाद तमाम मध्यवर्गीय व गरीब लोग सिर्फ बैंक पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं। पैकेज को लेकर लोग आशंकित है । वहीं सरकार यह जो कहा है कि गरीबों जरूरतमंदों को ऋण दी जाएगी एक ओर कॉन्ग्रेस ऋण नहीं बल्कि गरीबों को मदद की नगद राशि देने की मांग कर रहे हैं। आखिर क्या वित्त निराकरण है। इसको लेकर लोग कंफ्यूज है । इस संदर्भ में मुंगेर के राजद विधायक विजय कुमार विजय ने कहा कि रोजगार स्वरोजगार कारोबार नए रूप में आएगा। देश की स्थिति क्या होगी कि आने वाला वक्त बताएगा । मगर आज डाकघरों में बैंकों में अकाउंट खोलने को लेकर आपाधापी हो रही है। इसके पूर्व भी केंद्र ने बैंकों के माध्यम से जनधन खाता खुलवाया। जिसमें अनेकों गरीबों का जो थोड़ा भी जमा था। उसे बैंक ने जप्त कर लिया। यह कहकर कि अकाउंट में मिनिमम राशि होनी चाहिए । आगे कहा बैंको द्वारा हज़ारों करोड़ गरीब का क्या हुआ? यह सवाल जनधन खाताधारक गरीब वर्ग सरकार से जानना चाहता हैं। उन्होंने आगे कहा सरकार की यह पैकेज गरीबों के लिये नहीं बल्कि सरकारी मुलाजिमों व पदाधिकारियों के लूट के लिए है। केन्द्र व राज्य सरकार पूरी तरह फेल है। इधर लॉक डाउन खत्म होने या कम होने के बाद राज्य व केंद्र सरकार के बीच सबसे बड़ी समस्या होगी हाथों को रोजगार देना। बेरोजगारी की सबसे लंबी फौज होगी । जो रोजगार के लिए ज्यादा इंतजार नहीं कर पाएगी । क्योंकि यह वर्ग ऐसा होगा जिसके समक्ष भूख बड़ी समस्या होगी।